Kanpur News: कानपुर देहात के चार विधायकों में से तीन मंत्रिमंडल में शामिल, अजीत पाल बने दोबारा राज्यमंत्री

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Kanpur News: कानपुर देहात के चार विधायकों में से तीन मंत्रिमंडल में शामिल, अजीत पाल बने दोबारा राज्यमंत्री

सुमित शर्मा, कानपुर: योगी आदित्यनाथ सरकार 2.0 ने कानपुर देहात को तीन मंत्री दिए हैं। कानपुर देहात की चारों सीटों पर बीजेपी का कब्जा है। बीजेपी ने चार विधायकों में तीन को मंत्रिमंडल में शामिल किया है। सिकंदरा विधानसभा सीट से विधायक अजीत पाल को दोबारा मंत्री बनाया गया है। कानपुर देहात में खुशी और जश्न का माहौल है। सिकंदरा सीट से राकेश सचान को मंत्री बनाया गया है। इसके साथ ही रानियां विधानसभा सीट से प्रतिभा शुक्ला को राज्यमंत्री बनाया गया है।

विधानसभा चुनाव 2012 में डेरापुर सीट को समाप्त कर सिकंदरा विधानसभा सीट अस्तित्व में आई थी। विधानसभा चुनाव 2012 में सिकंदरा सीट से बीएसपी के इंद्रपाल सिंह ने बड़ी जीत दर्ज की थी। बीएसपी के इंद्रपाल ने वर्तमान अकबरपुर सांसद देवेंद्र सिंह भोले को हराया था। विधानसभा चुनाव 2017 में सिकंदरा सीट पर बीजेपी के मथुरा पाल ने एसपी के पूर्व सांसद राकेश सचान की पत्नी सीमा सचान को हराया था।

पिता के निधन के बाद बने थे विधायक
कानपुर देहात के सिकंदरा में रहने वाले पूर्व बीजेपी विधायक स्वर्गीय मथुरा पाल के तीन बेटे महिपाल, इंद्रपाल और अजीत पाल थे। मथुरा पाल 2017 विधानसभा चुनाव में बीजेपी से विधायक बने थे, लेकिन विधायक बनने के बाद मथुरा पाल का बीमारी के कारण 22 जुलाई 2017 को निधन हो गया था। मथुरा पाल के आकास्मिक निधन के बाद सिकंदरा विधानसभा पर उपचुनाव हुए थे, जिसमें मथुरा पाल के सबसे छोटे बेटे अजीत विधायक और राज्यमंत्री बने थे।

बड़े अंतराल से जीते चुनाव
विधानसभा चुनाव 2022 में सिकंदरा सीट से अजीत पाल ने दोबारा जीत दर्ज की। बीजेपी के अजीत पाल ने एसपी के प्रभाकर पांडेय को 31,632 वोटों से हराया था। अजीत पाल को 89,044 वोट मिले थे। वहीं, एसपी के प्रभाकर पांडेय को 57,412 वोट मिले थे। अजीत पाल ने कानपुर देहात में सबसे बड़ी जीत के साथ क्षेत्र में कमल खिलाया था। सिकंदरा विधानसभा सीट पर ओबीसी के बाद सबसे ज्यादा ब्राह्मण वोटर हैं। अजीत पाल ने जातियों के बीच सामंजस्य बैठाया है। जिसका नतीजा है कि दोबारा उन्होने बड़ी जीत दर्ज की है।

पिता ने तैयार की थी जमीन
बीजेपी ने चुनावी प्रचार-प्रसार के दौरान बाहरी प्रत्याशियों को लड़ाने का भी आरोप लगाया था। दरअसल, बीएसपी से लालजी शुक्ला और एसपी ने प्रभाकर पांडेय को सिकंदरा सीट से उतारा था। बीजेपी ने आरोप लगाया था कि विपक्ष के पास कोई विकल्प नहीं है। एसपी और बीएसपी दोनों ने ही औरैया जिले में रहने वाले प्रत्याशियों को उतारा था। यह भी एक बड़ा मुद्दा बना था। वहीं, अजीत पाल के पिता मथुरा पाल का क्षेत्र में दबदबा था। मथुरा पाल का वोटर अब उनके बेटे अजीत पाल के साथ है।

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