मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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यूपी में निवेश का बदला माहौल: सीएम योगी बोले- कभी दिल्ली में बुलानी पड़ती थी समिट, आज 50 लाख करोड़ के प्रस्ताव

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के बदलते आर्थिक परिदृश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एक दशक पहले की स्थिति के मुकाबले आज प्रदेश निवेश का एक प्रमुख केंद्र बन गया है। सोमवार को…

यूपी में निवेश का बदला माहौल: सीएम योगी बोले- कभी दिल्ली में बुलानी पड़ती थी समिट, आज 50 लाख करोड़ के प्रस्ताव
(फोटो: IANS)

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के बदलते आर्थिक परिदृश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एक दशक पहले की स्थिति के मुकाबले आज प्रदेश निवेश का एक प्रमुख केंद्र बन गया है। सोमवार को लखनऊ में आयोजित 'जीसीसी इनोवेशन समिट-2026' में उन्होंने उस दौर को याद किया जब निवेशकों को उत्तर प्रदेश में बुलाना भी एक चुनौती थी। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, सीएम योगी ने बताया कि 2015-16 में यूपी के लिए इन्वेस्टर्स समिट दिल्ली के एक फाइव स्टार होटल में आयोजित करनी पड़ी थी, क्योंकि उद्योगपति लखनऊ आने से कतराते थे।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि आज तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है और राज्य को 50 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं। उन्होंने बताया कि खराब कानून-व्यवस्था और नीतिगत पंगुता (पॉलिसी पैरालिसिस) के कारण निवेशक पहले यहां आने से डरते थे। सीएम के शब्दों में, "जब व्यक्ति ही सुरक्षित नहीं होगा तो उसकी पूंजी कैसे सुरक्षित रहेगी।" इसी वजह से प्रदेश की पहचान उपद्रव, अराजकता और माफिया से होती थी।

कानून-व्यवस्था और नीतिगत सुधारों से बदली तस्वीर

सीएम योगी ने बताया कि उनकी सरकार ने निवेश का माहौल बनाने के लिए कानून-व्यवस्था, बुनियादी ढांचे और नीतिगत सुधारों पर एक साथ काम किया। इसी का नतीजा है कि राज्य को बड़े पैमाने पर निवेश प्रस्ताव मिले। इन प्रस्तावों में से 15 लाख करोड़ रुपए की परियोजनाओं की ग्राउंड ब्रेकिंग हो चुकी है, जबकि साढ़े सात लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश धरातल पर उतरने को तैयार हैं। सरकार का लक्ष्य सिर्फ प्रस्ताव पाना नहीं, बल्कि उन्हें उद्योगों और रोजगार में बदलना है, जिसके लिए 36 सेक्टोरल नीतियां बनाई गई हैं।

ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) का हब बनेगा यूपी

इस समिट में मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) का प्रमुख केंद्र बनाने के लक्ष्य का भी खुलासा किया। सरकार ने 2030-31 तक राज्य में 500 नए जीसीसी स्थापित करने का लक्ष्य रखा है, जिसके लिए चार करोड़ वर्ग फीट ग्रेड-ए ऑफिस स्पेस विकसित किया जाएगा। वर्तमान में, राज्य में 200 से अधिक जीसीसी और 400 से ज़्यादा एसटीपीआई-पंजीकृत आईटी इकाइयां काम कर रही हैं।

इस अवसर पर कई बड़े समझौते भी हुए। सीएम योगी ने हैवेल्स, एमरी प्राइस, मेटलाइफ, एलजी और डब्ल्यूएसपी जैसी कंपनियों को पांच प्रमुख जीसीसी परियोजनाओं के लिए 'लेटर ऑफ कम्फर्ट' प्रदान किए, जिनसे 6,467 रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। इसके अलावा, ईवाईजीडीएस, पेटीएम, बार्कलेज और एडब्ल्यूएस समेत 15 कंपनियों के साथ एमओयू का आदान-प्रदान भी किया गया।

प्रमुख संस्थानों और कंपनियों ने जताई प्रतिबद्धता

तकनीकी प्रतिभा और उद्योग की जरूरतों में तालमेल बिठाने के लिए आईआईटी कानपुर, आईआईटी बीएचयू और आईआईएम लखनऊ समेत 13 प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ भी समझौते हुए। समिट में मौजूद उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने भी राज्य में अपने अनुभव साझा किए। एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स ने 634 करोड़ रुपए के निवेश की घोषणा की, जिससे 500 से अधिक नौकरियां पैदा होंगी। वहीं, एचसीएल टेक के प्रतिनिधि ने बताया कि लखनऊ में कंपनी के 12,500 कर्मचारी काम कर रहे हैं। माइक्रोसॉफ्ट इंडिया के प्रतिनिधि ने भी नोएडा में अपने केंद्र के सफल विस्तार का जिक्र किया।

इनपुट: IANS

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News4Social उत्तर प्रदेश डेस्क

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