JSSC-CGL पेपर लीक: बिहार से एक और एजेंट गिरफ्तार, अब तक 33 लोग सलाखों के पीछे
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की संयुक्त स्नातक स्तरीय (CGL) परीक्षा के चर्चित पेपर लीक मामले में जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, झारखंड CID की विशेष जांच टीम…
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की संयुक्त स्नातक स्तरीय (CGL) परीक्षा के चर्चित पेपर लीक मामले में जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, झारखंड CID की विशेष जांच टीम (SIT) ने इस मामले में एक और अहम गिरफ्तारी की है। टीम ने बिहार के सारण जिले से एक अंतरराज्यीय एजेंट को पकड़ा है।
गिरफ्तार किए गए व्यक्ति की पहचान मनु कुमार सिंह के रूप में हुई है, जो सारण (छपरा) के देवरिया गांव का रहने वाला है। CID द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान में बताया गया है कि मनु कुमार सिंह ने कई अभ्यर्थियों को अवैध तरीके से परीक्षा में फायदा पहुँचाया था, जिसकी बदौलत वे सफल भी हुए थे।
जांच का दायरा और पुरानी गिरफ्तारियां
इस नई गिरफ्तारी के साथ ही CID ने मामले में पहले से जेल में बंद दो अन्य आरोपियों, कुन्दन कुमार (पलामू) और समीर कुमार (गिरिडीह) को पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया है। जांच एजेंसी अब इन तीनों से पूछताछ कर इस बड़े गिरोह के बाकी सदस्यों और नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश कर रही है।
इस बहुचर्चित मामले में CID की SIT अब तक कुल 33 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच एजेंसी ने अपनी कार्रवाई को दो मुख्य चरणों में बांटा था। पहले चरण में 16 लोगों को गिरफ्तार किया गया था, जिनमें ज्यादातर पुलिसकर्मी थे जो अभ्यर्थियों से पैसे वसूलने का काम करते थे।
अंतरराज्यीय गिरोह और मुख्य सरगना
जांच आगे बढ़ने पर CID ने मुख्य सरगनाओं, एजेंटों, परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी के कर्मचारियों और धांधली से पास हुए 17 अन्य लोगों को गिरफ्तार किया। जांच में यह खुलासा हुआ है कि इस पूरे घोटाले का मास्टरमाइंड गोड्डा का ब्लॉक सप्लाई ऑफिसर अभय तिवारी था, जो फिलहाल जेल में है।
इस गिरोह के तार सिर्फ झारखंड ही नहीं, बल्कि बिहार, पश्चिम बंगाल और यहां तक कि नेपाल तक फैले हुए थे। गिरोह के सदस्य अभ्यर्थियों को गुप्त स्थानों पर ले जाकर परीक्षा से ठीक पहले प्रश्न और उनके उत्तर रटवाते थे। CID अधिकारियों का मानना है कि रिमांड पर लिए गए आरोपियों से पूछताछ के बाद इस मामले में कई और बड़े नाम सामने आ सकते हैं।
इनपुट: IANS



