JNU छात्रसंघ की भूख हड़ताल: CPM सांसद जॉन ब्रिटास ने राष्ट्रपति से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में छात्र संघ प्रतिनिधियों द्वारा की जा रही अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का मामला अब राष्ट्रपति भवन तक पहुँच गया है। केरल से CPI(M) के राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास ने…
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में छात्र संघ प्रतिनिधियों द्वारा की जा रही अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का मामला अब राष्ट्रपति भवन तक पहुँच गया है। केरल से CPI(M) के राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास ने विश्वविद्यालय की विजिटर होने के नाते राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, अपने पत्र में सांसद ने 3 अक्टूबर, 2026 से जारी इस भूख हड़ताल को समाप्त कराने और छात्रों की समस्याओं का समाधान करने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि छात्रों के निष्कासन आदेशों को रद्द किया जाना चाहिए और मुख्य प्रॉक्टर कार्यालय (CPO) के नियमावली के आपत्तिजनक प्रावधानों को वापस लिया जाना चाहिए।
छात्रों के स्वास्थ्य पर चिंता
जॉन ब्रिटास ने इस मुद्दे पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री को भी एक अलग पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों के बिगड़ते स्वास्थ्य पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ तत्काल बातचीत करने का आग्रह किया है, ताकि छात्र कल्याण की रक्षा हो सके और मामले का जल्द से जल्द समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
लोकतंत्र और संस्थाओं पर टिप्पणी
इस मामले को एक बड़े संदर्भ से जोड़ते हुए ब्रिटास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट भी साझा किया। इसमें उन्होंने प्रसिद्ध राजनीति विज्ञानी स्टीवन लेविट्स्की और डैनियल जिब्लैट को उद्धृत करते हुए कहा कि लोकतंत्र सैन्य तख्तापलट से नहीं, बल्कि भीतर से ही नष्ट होता है, जब चुने हुए नेता कानूनों और संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग करते हैं। उन्होंने 2023 में लाए गए मुख्य चुनाव आयुक्त नियुक्ति विधेयक का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय राज्यसभा में इसका विरोध करते हुए उन्होंने जिन खतरों की चेतावनी दी थी, वे आज सच साबित हो रहे हैं।
इनपुट: IANS



