झारखंड: शराब और भूमि घोटाले में निलंबित IAS विनय चौबे की सेवा बहाल, कार्मिक विभाग में दी हाजिरी
झारखंड सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारी विनय कुमार चौबे का निलंबन समाप्त कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, निलंबन हटने के बाद चौबे ने कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा…
झारखंड सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारी विनय कुमार चौबे का निलंबन समाप्त कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, निलंबन हटने के बाद चौबे ने कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग में अपना योगदान दे दिया है। उन्हें भ्रष्टाचार के कई आरोपों में गिरफ्तारी के बाद निलंबित किया गया था।
विनय चौबे पर लगे आरोपों में राज्य की पिछली शराब नीति में गड़बड़ी और हजारीबाग का एक वन भूमि घोटाला प्रमुख है। अदालत से विभिन्न मामलों में नियमित जमानत मिलने और जेल से रिहा होने के बाद सरकार ने उनके निलंबन की समीक्षा की और इसे खत्म करने का आदेश जारी किया। फिलहाल, सरकार ने उन्हें कोई नई जिम्मेदारी या नियमित पदस्थापना नहीं सौंपी है; इसका आदेश अभी आना बाकी है।
चौबे पर लगे आरोप क्या हैं?
शराब घोटाला: भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने चौबे को 2025 में शराब घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तार किया था। उन पर आरोप है कि उन्होंने राज्य की पिछली शराब नीति के क्रियान्वयन के दौरान निजी कंपनियों को अनुचित लाभ पहुँचाया, जिससे सरकारी खजाने को नुकसान हुआ। ACB की जांच के अनुसार, उन्होंने मैनपावर सप्लाई करने वाली निजी एजेंसियों के साथ मिलकर एक कथित आपराधिक साजिश रची थी।
भूमि घोटाले: विनय चौबे का नाम हजारीबाग के एक वन भूमि घोटाले में भी सामने आया था। इसके अलावा, जमीन के म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) से जुड़ी दो अन्य प्राथमिकी भी उनके खिलाफ दर्ज हैं। जांच एजेंसियों का आरोप है कि उन्होंने अपने पद और प्रभाव का कथित दुरुपयोग करते हुए फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमीन का म्यूटेशन कराया। एक अन्य मामले में, उन पर अपने करीबी लोगों और रिश्तेदारों के नाम पर नियमों की अनदेखी कर कीमती जमीनों का म्यूटेशन कराने का भी आरोप है।
इन सभी मामलों में आरोपों पर अंतिम फैसला न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।
इनपुट: IANS



