चाईबासा: खेत में मिला हथिनी का शव, दांत गायब होने से तस्करी का गहराया शक
झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में एक हथिनी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। शुक्रवार सुबह चाईबासा के जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र स्थित भनगांव के दीपसाई टोला में एक खेत से उसका शव…
झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में एक हथिनी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। शुक्रवार सुबह चाईबासा के जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र स्थित भनगांव के दीपसाई टोला में एक खेत से उसका शव बरामद किया गया। चिंताजनक बात यह है कि हथिनी के दोनों दांत गायब थे, जिससे हाथी दांत के तस्करों की भूमिका को लेकर आशंका बढ़ गई है।
समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, ग्रामीणों ने सबसे पहले हथिनी को मृत अवस्था में देखा और तत्काल वन विभाग को इसकी सूचना दी। वन विभाग की टीम सुबह करीब 9 बजे मौके पर पहुँची और घटनास्थल का मुआयना कर आसपास से सबूत इकट्ठा किए। विभाग ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, ताकि मौत के असली कारणों का पता लगाया जा सके।
वन विभाग की जांच और पिछले मामले
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की सटीक वजह स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल, विभाग प्राकृतिक मौत, शिकार या किसी अन्य कारण सहित सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रहा है। रिपोर्ट और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि जगन्नाथपुर और इसके आस-पास के वन क्षेत्रों में पिछले एक साल में लगभग 7 हाथियों की मौत हो चुकी है।
मानव-हाथी संघर्ष और मौत के अन्य कारण
इस इलाके में हाथियों के झुंड अक्सर घूमते रहते हैं और कई बार गांवों में भी घुस आते हैं, जिससे फसलों और घरों को नुकसान पहुंचता है और मानव-हाथी संघर्ष की स्थिति बनती है। राज्य के अन्य हिस्सों में भी हाथियों की मौत की घटनाएं सामने आती रही हैं। सितंबर में लातेहार में अवैध बिजली के तार की चपेट में आने से एक हाथी की जान चली गई थी, जबकि मई में गिरिडीह में एक युवा हाथी की झाड़ियों में फंसकर भूख-प्यास से मौत हो गई थी।
इनपुट: IANS



