योगी कैबिनेट का फैसला: जेवर एयरपोर्ट को अब मिलेगा 'नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट' का नाम
उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर में बन रहे जेवर एयरपोर्ट का नाम अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर होगा। शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव पर…
उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर में बन रहे जेवर एयरपोर्ट का नाम अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर होगा। शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगा दी गई। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, अब इस हवाई अड्डे को 'नरेंद्र मोदी जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट' के रूप में जाना जाएगा। यह फैसला प्रधानमंत्री मोदी के जनसेवा में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर लिया गया।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि प्रदेश कैबिनेट ने प्रधानमंत्री के योगदान का अभिनंदन करते हुए यह प्रस्ताव पारित किया है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी का उत्तर प्रदेश से एक आत्मीय संबंध है और उनके नेतृत्व में राज्य विकास के नए आयाम छू रहा है। सीएम योगी ने इस दौरान प्रधानमंत्री के सेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण के ध्येय का भी उल्लेख किया।
विकास और कनेक्टिविटी पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि जेवर एयरपोर्ट के विकास से प्रदेश की हवाई संपर्क व्यवस्था और आर्थिक गतिविधियों को काफी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि 28 मार्च 2026 को प्रधानमंत्री ने ही इस एयरपोर्ट के पहले चरण का उद्घाटन किया था। इस परियोजना के पहले चरण में लगभग 11 हजार करोड़ रुपये की लागत से 3,300 एकड़ क्षेत्र में टर्मिनल और रनवे का विकास किया गया है।
शुरुआती दौर में इसकी यात्री क्षमता सालाना करीब 1.2 करोड़ रहने का अनुमान है। सरकार की योजना है कि सभी चार चरण पूरे होने के बाद यह एशिया के सबसे बड़े हवाई अड्डों में से एक बने। सीएम योगी ने प्रदेश में बढ़ते औद्योगिक विकास का जिक्र करते हुए लखनऊ की ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण इकाई और पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क जैसी परियोजनाओं को निवेश और रोजगार के लिए अहम बताया।
कैबिनेट के अन्य महत्वपूर्ण निर्णय
जेवर एयरपोर्ट के नामकरण के अलावा, योगी कैबिनेट ने कुल 39 प्रस्तावों को मंजूरी दी। ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने जानकारी दी कि नगरीय परिवहन को बेहतर बनाने के लिए 18 नगर निगम क्षेत्रों में 1,725 नई इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी। इन बसों की खरीद एक निर्धारित नीति के तहत होगी, जिसमें 50% बसें सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी से और बाकी 50% उत्तर प्रदेश में ही बस निर्माण करने वाली कंपनियों से खरीदी जाएंगी। इस बैठक में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक के साथ सहयोगी दलों के नेता भी मौजूद रहे।
इनपुट: IANS



