भारत-जापान रक्षा सहयोग: जापानी सैन्य प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय सेना और DRDO से की अहम बातचीत
भारत और जापान के बीच रक्षा संबंधों को और मजबूती देते हुए जापानी थल आत्मरक्षा बल के एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने भारत का दौरा किया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस दौरे का मुख्य उद्देश्य दोनों…
भारत और जापान के बीच रक्षा संबंधों को और मजबूती देते हुए जापानी थल आत्मरक्षा बल के एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने भारत का दौरा किया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस दौरे का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग, सैन्य प्रशिक्षण और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में आपसी समझ को गहरा करना था। 4 अक्टूबर से 9 अक्टूबर तक चली इस यात्रा में जापानी कमान एवं स्टाफ पाठ्यक्रम से जुड़े 34 अधिकारी शामिल थे।
यह यात्रा एक विदेशी अध्ययन दौरे के हिस्से के रूप में आयोजित की गई थी। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय सेना और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण वार्ता की। इस बातचीत के केंद्र में एक-दूसरे के अनुभवों और रक्षा क्षेत्र में हो रहे तकनीकी बदलावों को समझना था।
सैन्य संस्थानों का दौरा और प्रशिक्षण की जानकारी
अपनी यात्रा के दौरान, जापानी अधिकारियों ने भारत की रक्षा क्षमताओं, सैन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था और उभरती हुई रक्षा तकनीकों के बारे में विस्तृत जानकारी हासिल की। प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली स्थित सेंटर फॉर लैंड वारफेयर स्टडीज (CLAWS) और वॉरफेयर डेवलपमेंट एंड रिसर्च सेंटर (WARDEC) का भी दौरा किया। इन संस्थानों में उन्हें भारत में सैन्य अध्ययन, युद्ध संबंधी शोध और रक्षा क्षेत्र में हो रहे तकनीकी विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया गया।
पेशेवर संबंधों और सांस्कृतिक समझ पर जोर
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के संवाद दोनों देशों की सेनाओं के बीच पेशेवर संबंधों को मजबूत करते हैं। इस दौरे में सैन्य चर्चा के अलावा भारतीय संस्कृति और परंपराओं से परिचय कराने का कार्यक्रम भी शामिल था, जिससे प्रतिनिधिमंडल को भारत की समृद्ध विरासत को करीब से जानने का अवसर मिला। यह यात्रा भारत और जापान के बीच लंबे समय से चले आ रहे रक्षा संबंधों को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
इनपुट: IANS



