जंतर-मंतर प्रदर्शन: सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस कार्रवाई की जांच कर रही कमेटी को एक महीने में अंतिम रिपोर्ट देने का निर्देश दिया
जंतर-मंतर पर एक राजनीतिक दल के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने जांच कर रही उच्चाधिकार समिति को एक महीने के भीतर अपनी अंतिम रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है…
जंतर-मंतर पर एक राजनीतिक दल के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने जांच कर रही उच्चाधिकार समिति को एक महीने के भीतर अपनी अंतिम रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। गुरुवार को हुई सुनवाई में अदालत ने स्पष्ट किया कि रिपोर्ट के लिए अनिश्चित काल तक इंतजार नहीं किया जा सकता। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, मामले की अगली सुनवाई अब 2 दिसंबर को होगी।
यह मामला कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है, जिसमें पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए गए थे। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की जांच के लिए अपने पूर्व न्यायाधीश जस्टिस आर. सुभाष रेड्डी की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय हाई-पॉवर कमेटी का गठन किया था।
जांच का दायरा और प्रगति
सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने कहा कि 31 अक्टूबर को कमेटी द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट केवल अब तक किए गए कार्यों की जानकारी देती है, लेकिन इसमें आरोपों पर कोई निष्कर्ष नहीं निकाला गया है। अदालत ने कमेटी को निर्देश दिया कि वह खुद को सिर्फ पीड़ितों की शिकायतों तक ही सीमित न रखे, बल्कि वकीलों और अन्य लोगों द्वारा पेश किए गए वीडियो व दूसरे सबूतों पर भी विचार करे। कोर्ट ने कमेटी से सभी दस्तावेजों और सबूतों की जांच कर संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब करने को भी कहा है।
शिकायतों और सबूतों पर सुनवाई
याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया कि अगस्त में कमेटी का गठन होने के बावजूद अब तक कोई खास प्रगति नहीं हुई है। इस पर CJI ने बताया कि कमेटी का पोर्टल लगभग तीन हफ्ते पहले ही चालू हुआ है और शिकायत दर्ज कराने के लिए एक ईमेल भी बनाया गया है। कमेटी ने 26 अक्टूबर को एक बैठक भी की थी। हालांकि, कमेटी को पोर्टल पर कुछ ही शिकायतें मिली हैं, जबकि ईमेल, डाक या सीधे तौर पर कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई।
वहीं, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को सूचित किया कि केंद्र सरकार का जवाब तैयार है और इसे जल्द ही दाखिल कर दिया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से इस मामले में एक विस्तृत हलफनामा दाखिल करने को कहा है।
इनपुट: IANS



