जनता कर्फ्यू भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के तहत लगाया गया

Janta Curfew
Janta Curfew

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित करते हुए कोरोना वायरस के प्रति सचेत किया. उन्होंने देशवासियों से 22 मार्च के दिन ‘जनता कर्फ़्यू’ लगाने की अपील की. उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस नामक इस महामारी से लड़ने के लिए जनता का सहयोग बेहद जरूरी है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जनता कर्फ्यू रविवार को सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक रहेगा. इससे पता चलेगा कि हम कोरोना महामारी के संकट से निपटने के लिए कितने तैयार हैं. लेकिन जनता कर्फ्यू आमतौर पर लगने वाले कर्फ्यू से अलग होगा. अब सवाल ये उठता है कि जनता कर्फ्यू भारती संविधान के किस अनुच्छेद में आता है.

भारतीय संविधान
भारतीय संविधान
आपको बता दें कि जनता कर्फ्यू के बारे में संविधान में कोई जानकारी नहीं है, क्योंकि इसके लिए कर्फ्यू शब्द का प्रयोग किया गया था. लेकिन यदि सही मायने में देखें तो जनता से कोरोना वायरस से एक साथ लड़ने के लिए यह एक अनुरोध था.
जनता कर्फ्यू
जनता कर्फ्यू

कर्फ्यू सरकार या प्रशासन तब लगाते हैं जब हालात नियंत्रण में ना हों. जब भी कोई दंगा या ऐसे हालात होते हैं. तो सबसे पहले क्षेत्र में धारा 144 लागू की जाती है. उसके बाद भी यदि हालात नियंत्रण में ना आएं तो कर्फ्यू लगाया जाता है. इसमें सरकार जनता पर कुछ पाबंदियां लगा देती है. जिनका पालन करना जरूरी होता है वरना पुलिस और प्रशासन सख्ती से निपटता है. यहां तक की जब हालात बिल्कुल ही नियंत्रण में ना हो तो, गोली का प्रयोग भी किया जा सकता है.

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लेकिन जनता कर्फ्यू में लोगों से घरों में रहने का अनुरोध किया गया है और संविधान के किसी अनुच्छेद में जनता कर्फ्यू की की जानकारी या वर्णन नहीं है.

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