तुषार गांधी की चेतावनी: सरकार हटने तक हर हफ़्ते होंगे आंदोलन, जनता का प्रदर्शन 'अविश्वास प्रस्ताव'
महात्मा गांधी के परपोते तुषार गांधी ने हिरासत से रिहा होने के बाद केंद्र सरकार के खिलाफ अपने आंदोलन को और तेज करने का संकल्प लिया है। समाचार एजेंसी IANS से बातचीत में उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक…
महात्मा गांधी के परपोते तुषार गांधी ने हिरासत से रिहा होने के बाद केंद्र सरकार के खिलाफ अपने आंदोलन को और तेज करने का संकल्प लिया है। समाचार एजेंसी IANS से बातचीत में उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक ज्ञानेश कुमार और मौजूदा मोदी सरकार नहीं हट जाती, तब तक वे पूरे भारत में हर हफ्ते इसी तरह के विरोध प्रदर्शन आयोजित करते रहेंगे।
मुंबई में हिरासत में लिए जाने के अपने अनुभव को साझा करते हुए तुषार गांधी ने बताया कि उन्हें शनिवार शाम 6 बजे रिहा करने की जानकारी दी गई, लेकिन उनका फोन तुरंत वापस नहीं किया गया। उन्होंने कहा, "मेरे साथ जो कांस्टेबल था, उसके पास मेरा फोन था लेकिन उसे वापस नहीं दिया गया। इसके बाद चार अधिकारियों ने मुझे उसी गाड़ी में बैठाकर घर छोड़ दिया।"
सरकार के खिलाफ जनता का 'अविश्वास प्रस्ताव'
तुषार गांधी ने इस बात पर जोर दिया कि उनके और अन्य आयोजकों के पकड़े जाने के बावजूद आम लोग मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में स्वप्रेरणा से पहुंचते रहे, जिससे पुलिस को उन्हें संभालने में मुश्किल हुई। उन्होंने इस स्वतःस्फूर्त भागीदारी को सरकार के खिलाफ जनता का 'अविश्वास प्रस्ताव' करार दिया। उनके अनुसार, यह दर्शाता है कि आम नागरिक अपनी मर्जी से सरकार के खिलाफ विरोध करने के लिए सड़कों पर उतर रहे हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार धांधली पर उतर आई है, लेकिन साथ ही विश्वास जताया कि देश के नागरिक लोकतंत्र की रक्षा में कभी कमजोर नहीं पड़ेंगे। गांधी ने कहा कि उनका यह आंदोलन पुलिस की आजादी के लिए भी लड़ा जा रहा है।
सोनम वांगचुक को संदेश
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का जिक्र करते हुए तुषार गांधी ने कहा कि वे उनसे सिर्फ बयानबाजी करने के बजाय सड़कों पर उतरकर आंदोलन में शामिल होने का आग्रह करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
इनपुट: IANS



