जामताड़ा के साइबर ठग: B.Tech ग्रेजुएट समेत दो गिरफ्तार, बैंक अधिकारी बनकर करते थे क्रेडिट कार्ड धोखाधड़ी
झारखंड के जामताड़ा से चल रहे एक बड़े साइबर धोखाधड़ी गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। दिल्ली की शाहदरा साइबर पुलिस ने क्रेडिट कार्ड से ठगी के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक B.Tech ग्रेजुएट…
झारखंड के जामताड़ा से चल रहे एक बड़े साइबर धोखाधड़ी गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। दिल्ली की शाहदरा साइबर पुलिस ने क्रेडिट कार्ड से ठगी के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक B.Tech ग्रेजुएट भी शामिल है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, ये गिरोह खुद को बैंक अधिकारी बताकर 50 से ज़्यादा लोगों को अपना शिकार बना चुका था। आरोपी केवाईसी (KYC) अपडेट करने के बहाने लोगों को झांसे में लेते थे और स्क्रीन-शेयरिंग के ज़रिए उनकी गोपनीय जानकारी हासिल कर लेते थे।
पुलिस ने बताया कि इस गिरोह ने पीड़ितों के क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर लाखों रुपए के महंगे मोबाइल फोन खरीदे। शाहदरा के डीसीपी राजेंद्र प्रसाद मीना के अनुसार, यह कार्रवाई तरनजीत सिंह नाम के एक व्यक्ति की शिकायत पर शुरू हुई थी। शिकायतकर्ता ने बताया था कि HDFC बैंक अधिकारी बनकर कुछ लोगों ने उनसे क्रेडिट कार्ड की जानकारी ली और फिर उनके कार्ड से 1,39,999 रुपए का एक मोबाइल फोन जियोमार्ट (JioMart) से खरीद लिया।
पुलिस ने जाल बिछाकर पकड़ा
मामले की गंभीरता को देखते हुए शाहदरा साइबर थाने के एसएचओ इंस्पेक्टर विजय कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई। जांच में पता चला कि खरीदा गया मोबाइल फोन झारखंड के धनबाद स्थित झरिया इलाके में डिलीवर हुआ था। इसके बाद पुलिस टीम ने झारखंड में चार दिनों तक सघन अभियान चलाया।
पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए एक योजना बनाई। डिलीवरी पर्सन की मदद से उसी पते पर एक नकली मोबाइल की डिलीवरी की व्यवस्था की गई। जैसे ही आरोपी अपना पार्सल लेने पहुंचे, पुलिस ने उन्हें धर दबोचा। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान 24 वर्षीय आफताब अंसारी और 23 वर्षीय अब्दुल मजीद के रूप में हुई है। दोनों जामताड़ा जिले के बोरवा गांव के रहने वाले हैं।
कैसे काम करता था यह गिरोह?
पूछताछ में पता चला कि आरोपी सोशल मीडिया, खासकर फेसबुक पर क्रेडिट कार्ड KYC अपडेट कराने के लिए फर्जी विज्ञापन चलाते थे। जो लोग इन विज्ञापनों पर क्लिक करते, उनसे एक ऑनलाइन फॉर्म भरवाया जाता था। इसके बाद, आरोपी उन्हें फोन करके वीडियो कॉल पर क्रेडिट कार्ड दिखाने और स्क्रीन शेयर करने के लिए मनाते थे, खासकर 50 साल से ज़्यादा उम्र के लोगों को निशाना बनाया जाता था। स्क्रीन शेयरिंग के दौरान वे ओटीपी देख लेते और जियोमार्ट या फ्लिपकार्ट जैसी वेबसाइटों से महंगे फोन ऑर्डर कर देते थे।
गिरफ्तार आरोपी आफताब अंसारी एक B.Tech ग्रेजुएट है और तकनीकी रूप से काफी जानकार है। पुलिस के अनुसार, ये लोग चोरी के फोन को झारखंड और पश्चिम बंगाल के अलग-अलग इलाकों में मंगवाते थे और फिर सीलबंद डिब्बे और बिल के साथ उन्हें कम कीमत पर बेच देते थे, ताकि किसी को शक न हो। पुलिस अब गिरोह के बाकी सदस्यों और ठगी की पूरी रकम का पता लगाने में जुटी है।
इनपुट: IANS



