रविवार, 25 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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जामिया की दीवारों पर 'फ्री कश्मीर' नारे: मौलाना साजिद रशीदी ने इसे छात्रों के खिलाफ साजिश बताया

दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया में चल रहे छात्र प्रदर्शनों के बीच दीवारों पर लिखे गए 'फ्री कश्मीर' और 'फ्री शरजील इमाम' जैसे नारों को एक बड़ी साजिश का हिस्सा बताया गया है। समाचार एजेंसी IANS की…

जामिया की दीवारों पर 'फ्री कश्मीर' नारे: मौलाना साजिद रशीदी ने इसे छात्रों के खिलाफ साजिश बताया
(फोटो: IANS)

दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया में चल रहे छात्र प्रदर्शनों के बीच दीवारों पर लिखे गए 'फ्री कश्मीर' और 'फ्री शरजील इमाम' जैसे नारों को एक बड़ी साजिश का हिस्सा बताया गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने दावा किया है कि ये नारे विश्वविद्यालय के छात्रों या स्थानीय मुस्लिम समुदाय ने नहीं लिखे हैं।

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मौलाना रशीदी ने छात्रों की मांगों को जायज ठहराते हुए कहा कि वे स्टूडेंट्स यूनियन की बहाली, हॉस्टल में बेहतर सुविधाएं और छात्रों पर हुई कार्रवाई खत्म करने जैसी मांगें कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "मैं समझता हूं कि ये जायज मांगें हैं। हर छात्र की इस तरह की मांग होती है और हर जगह होती है।"

साजिश और बाहरी हाथ का आरोप

हालांकि, दीवारों पर लिखे गए विवादित नारों पर उन्होंने गंभीर आरोप लगाए। रशीदी के अनुसार, यह उन लोगों का काम है जो देश में हिंदू-मुस्लिम के बीच टकराव पैदा कर गृहयुद्ध जैसे हालात बनाना चाहते हैं। उन्होंने कहा, "मैं सौ प्रतिशत कहता हूं कि ये जामिया के छात्रों के नारे नहीं हैं और न ही ओखला के मुसलमानों के नारे हैं।"

उन्होंने इसकी प्रेरणा बांग्लादेश में हिंदुओं पर हुए हालिया हमलों से बताई। रशीदी ने कहा, "ये उन लोगों के नारे हैं जो बांग्लादेश के प्रदर्शनों से प्रेरित हैं, जिनमें हिंदुओं को मारा गया... जो लोग उससे प्रेरित हैं और अपने अंदर ऐसी सोच रखते हैं कि ऐसा होना चाहिए, वही लोग इसमें शामिल हैं।"

कुछ विशेष लोगों की जांच की मांग

मौलाना रशीदी ने कुछ विशेष लोगों जैसे अभिजीत दिपके, नेहा बोरा और सीजेपी के नेताओं की कड़ी जांच की मांग की। उन्होंने कहा, "उनसे कड़ाई से पूछताछ की जाए, तब पता चलेगा कि इनके तार बहुत दूर तक जुड़े हुए हैं।" उन्होंने अमेरिकी गायिका मैरी मिलबेन के एक बयान का भी हवाला दिया, जिसमें अमेरिका से कुछ देशों को तोड़ने के लिए फंडिंग किए जाने की बात कही गई थी। रशीदी ने आशंका जताई कि दिपके को भी वहीं से फंडिंग मिल रही है।

राजनीतिक विपक्ष पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि राहुल गांधी अगर सत्ता परिवर्तन की बात करते हैं तो इसमें कुछ गलत नहीं है, क्योंकि वह विपक्ष के नेता हैं और कांग्रेस ने लंबे समय तक शासन किया है। लेकिन, उन्होंने उन लोगों पर सवाल उठाया जिनका कोई सार्वजनिक अस्तित्व नहीं है और जो देश में बदनामी फैलाते हैं।

इनपुट: IANS

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News4Social राजनीति डेस्क

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