बुंदेलखंड: जैन धर्म के तीर्थस्थलों लिए UP सरकार ने दिया 5 करोड़ रुपये

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बुंदेलखंड
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जब भी बुंदेलखंड का नाम आता है दिमाग में सबसे पहला नाम रानी लक्ष्मी बाई का नाम आता है। बुंदेलखंड पर्यटन को लेकर काफी फेमस है। अब उत्तर प्रदेश बुंदेलखड में एक ऐसा काम करने जा रही है जिसकी वजह से यहाँ पर पर्यटन बढ़ने की संभावना है। आइये इस बारें में विस्तार से जानते हैं।

दरअसल UP सरकार बुंदेलखंड में 5 करोड़ रुपये से जैन सर्किट बनवाएगी। इस दौरान झांसी और ललितपुर में बने जैन मंदिरों और तीर्थों का विकास कर पर्यटन पर जोर दिया जाएगा। पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए सरकार जैन सर्किट में तमाम सुविधाएं मुहैया कराएगी। इस प्रोजेक्ट को शुरू करने से पहले सरकार ने सर्वे टीम सर्वे कर रही है।

आपको बता दें कि जैन धर्म में बुंदेलखंड क्षेत्र में बने तीर्थों के दर्शन का विशेष महत्व है। पूरे साल यहां जैन धर्म के अनुयायी बड़ी संख्या में आते हैं। मध्यप्रदेश के सोनागिर तीर्थ से शुरू होने वाली बुंदेलखंड यात्रा में जैन लोग छतरपुर के पपौरा जी तक यात्रा करते हैं। इस यात्रा में प्रदेश के झांसी और ललितपुर में बने जैन तीर्थों पर भी श्रावक-श्राविकाओं की भीड़ उमड़ती है।

जैन सर्किट में शामिल सभी मंदिरों का पर्यटन विभाग अपने साधनों से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर प्रचार प्रसार करेगा। जैन सर्किट में लगभग पांच करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, इसमें संपर्क मार्ग ठीक होंगे। बैंच, पेयजल, सुलभ साधन, पार्किंग आदि की व्यवस्थाएं की जाएगी। जैन सर्किट के लिए पर्यटन विभाग सर्वे करा रहा है। इस संबंध में जैन समाज क ी कमेटियों व सदस्यों से भी जानकारी जुटाई जा रही है।

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बुंदेलखंड में इसलिए है जैन धर्म का महत्व

जैन धर्म में बुंदेलखंड के जैन तीर्थों की मान्यता का विशेष कारण है। पंडित विकास जैन शास्त्री बताते हैं कि बुंदेलखंड में जैन धर्म का विशेष प्रभाव रहा है। बताया जाता है कि करगुवांजी से लेकर बंधाजी तक पार्श्वनाथ भगवान की एक जैसी सात प्रतिमाएं हैं। प्रमुख जैन तीर्थों में द्रोणगिरि, अहारजी, पपौराजी, गोलाकोट, पचराई, सोनागिर, थूबोनजी भी शामिल हैं।