जादवपुर यूनिवर्सिटी: 'देश-विरोधी' नारों पर दिलीप घोष की चेतावनी, दोबारा लिखने पर होगी कानूनी कार्रवाई
पश्चिम बंगाल के जादवपुर यूनिवर्सिटी में कथित तौर पर लिखे गए देश-विरोधी नारों को लेकर राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। मंत्री दिलीप घोष ने स्पष्ट किया है कि ऐसे नारों को मिटा दिया गया है और भविष्य…
पश्चिम बंगाल के जादवपुर यूनिवर्सिटी में कथित तौर पर लिखे गए देश-विरोधी नारों को लेकर राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। मंत्री दिलीप घोष ने स्पष्ट किया है कि ऐसे नारों को मिटा दिया गया है और भविष्य में इस तरह की हरकत करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
समाचार एजेंसी IANS से बात करते हुए दिलीप घोष ने बंगाल की राजनीतिक संस्कृति का जिक्र किया, जहां दीवारों पर नारे लिखकर विचार व्यक्त करने की एक पुरानी परंपरा रही है। उन्होंने कहा, "लोकतांत्रिक व्यवस्था में लोगों को अपने विचार व्यक्त करने और नारे लिखने का अधिकार है," लेकिन साथ ही यह भी साफ कर दिया कि देश के खिलाफ कुछ भी लिखना या बोलना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
मंत्री ने इस मामले पर सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि यूनिवर्सिटी में लिखे गए आपत्तिजनक नारों की पहचान कर उन्हें हटा दिया गया है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा, "जो देश-विरोधी नारा लिखा गया था, उसे मिटा दिया गया है। किसी को भी दोबारा ऐसे नारे लिखने की कोशिश नहीं करनी चाहिए, वरना कानूनी कार्रवाई की जाएगी।" घोष ने जोर देकर कहा कि किसी भी विश्वविद्यालय या अन्य स्थान पर ऐसी गतिविधियों को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
तृणमूल नेताओं पर भी साधा निशाना
इस बातचीत के दौरान दिलीप घोष ने तृणमूल कांग्रेस के नेताओं पर भी टिप्पणी की। टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन को पुलिस द्वारा बुलाए जाने पर उन्होंने कहा कि कुछ टीएमसी नेताओं को लगता था कि वे कानून से ऊपर हैं, लेकिन अब उन्हें कानूनी प्रक्रिया का सामना करना ही पड़ेगा।
वहीं, अभिषेक बनर्जी के एक सोशल मीडिया पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि किसी विधायक या सांसद को बाहर जाने से नहीं रोका जा रहा है और वे अपना काम सामान्य रूप से कर रहे हैं। दिलीप घोष ने अभिषेक बनर्जी पर तंज कसते हुए कहा कि जो नेता जनता से दूर रहते हैं, उन्हें लोगों के बीच जाने में डर महसूस हो सकता है।
इनपुट: IANS



