भारतीय बाज़ार में सुस्ती: सेंसेक्स में हल्की बढ़त, निफ्टी मामूली गिरावट के साथ खुला
घरेलू और वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाज़ार ने बुधवार को सपाट शुरुआत की। एक तरफ जहाँ निवेशक घरेलू सकारात्मक खबरों से उत्साहित थे, वहीं दूसरी ओर वैश्विक चुनौतियाँ अभी भी बाज़ार पर दबाव बनाए हुए…
घरेलू और वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाज़ार ने बुधवार को सपाट शुरुआत की। एक तरफ जहाँ निवेशक घरेलू सकारात्मक खबरों से उत्साहित थे, वहीं दूसरी ओर वैश्विक चुनौतियाँ अभी भी बाज़ार पर दबाव बनाए हुए हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले कारोबारी सत्र में 1.5% से ज़्यादा की तेज़ी के बाद बाज़ार आज लगभग स्थिर खुला।
बुधवार को कारोबार की शुरुआत में बीएसई सेंसेक्स 15.98 अंक (0.02%) की मामूली बढ़त के साथ 73,049.76 पर खुला, जबकि इसका पिछला बंद 73,033.78 था। इसके विपरीत, एनएसई निफ्टी 50 में 6.20 अंक (0.03%) की हल्की गिरावट देखी गई और यह 22,715.75 पर खुला, जबकि पिछला बंद 22,721.95 था।
सेक्टर और शेयरों का हाल
बुधवार के शुरुआती कारोबार में आईटी सेक्टर में बढ़त का सिलसिला जारी रहा। निफ्टी आईटी सूचकांक 1% से ज़्यादा की तेज़ी के साथ सबसे ज़्यादा फ़ायदे में रहा। इसके अलावा निफ्टी एफएमसीजी, मीडिया और प्राइवेट बैंक जैसे सेक्टर भी हरे निशान में कारोबार कर रहे थे।
वहीं, दूसरी तरफ़ निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 0.67% की सबसे ज़्यादा गिरावट दर्ज की गई। हेल्थकेयर और सरकारी बैंकों के सूचकांकों पर भी दबाव देखा गया। निफ्टी 50 इंडेक्स में श्रीराम फाइनेंस, बजाज फाइनेंस और बीएसई के शेयर सबसे ज़्यादा नुक़सान में रहे।
बाज़ार की तेज़ी और उसके कारण
बाज़ार विशेषज्ञों के अनुसार, मंगलवार को निफ्टी में आई अप्रत्याशित तेज़ी का मुख्य कारण शॉर्ट कवरिंग गतिविधियाँ थीं। उन्होंने इस तेज़ी की एक बड़ी वजह वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की उस टिप्पणी को बताया जिसमें उन्होंने कहा था कि सरकार लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (एलटीसीजी) टैक्स और सिक्योरिटीज़ ट्रांज़ैक्शन टैक्स (एसटीटी) पर हितधारकों की राय की सावधानीपूर्वक समीक्षा करेगी। इस बयान से निवेशकों में नीतिगत बदलावों की उम्मीद जगी, जिससे बाज़ार की धारणा मज़बूत हुई।
विश्लेषकों ने यह भी बताया कि भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) के हालिया कदमों से भारतीय रुपये को मज़बूती मिली है, जो पिछले दो सत्रों में लगभग 1.5% मज़बूत हुआ है।
वैश्विक चुनौतियाँ और तकनीकी स्तर
बाज़ार के लिए कुछ वैश्विक चुनौतियाँ अभी भी बनी हुई हैं। अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड का लगभग 5.2% पर बने रहना और ब्रेंट क्रूड ऑयल का क़रीब 106 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करना बाज़ार की स्थिरता को सीमित कर सकता है। हालांकि, दूसरी तिमाही के बेहतर नतीजों की उम्मीद में वित्तीय, दूरसंचार, धातु और ऑटोमोबाइल क्षेत्र मज़बूत बने रह सकते हैं।
तकनीकी विश्लेषकों का मानना है कि हालिया उछाल ने निफ्टी के 23,200 के स्तर तक पहुँचने की उम्मीदों को फिर से बल दिया है। उनके मुताबिक, निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 22,550 के आसपास है, जबकि 22,787 से 22,880 के स्तर को पार करने पर तेज़ी और बढ़ सकती है।
इनपुट: IANS



