शेयर बाज़ार में 4 दिन बाद लौटी रौनक, सेंसेक्स 470 अंक से ज़्यादा उछला
लगातार चार कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को आखिरकार तेजी देखने को मिली। वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों के दम पर प्रमुख सूचकांक हरे निशान में बंद हुए, जिससे…
लगातार चार कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को आखिरकार तेजी देखने को मिली। वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों के दम पर प्रमुख सूचकांक हरे निशान में बंद हुए, जिससे निवेशकों ने राहत की सांस ली। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में तेज बढ़ोतरी की आशंका कम होने से दुनिया भर के बाजारों का मूड सुधरा, जिसका असर घरेलू बाजार पर भी पड़ा।
सोमवार को कारोबार खत्म होने पर बीएसई का 30 शेयरों वाला बेंचमार्क सेंसेक्स 472.77 अंक यानी 0.66% की बढ़त के साथ 72,382.47 पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 सूचकांक 133.80 अंक या 0.60% चढ़कर 22,555.75 के स्तर पर पहुँच गया।
किन शेयरों में रही सबसे ज़्यादा हलचल?
निफ्टी 50 इंडेक्स में सबसे शानदार प्रदर्शन आईटीसी (ITC) के शेयर का रहा, जिसमें 5% से ज़्यादा का उछाल आया। अन्य प्रमुख बढ़ने वाले शेयरों में बजाज फाइनेंस, श्रीराम फाइनेंस, भारती एयरटेल और टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स (TMPV) शामिल थे। वहीं दूसरी ओर, एचसीएल टेक, मैक्स हेल्थ, एचडीएफसी बैंक, इंफोसिस और सन फार्मा जैसे शेयरों पर बिकवाली का दबाव देखा गया और वे गिरावट के साथ बंद हुए।
बाजार के जानकारों का मानना है कि सोमवार की यह बढ़त एक राहत भरी तेजी थी, जिसे कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और कमजोर अमेरिकी जॉब्स डेटा से सहारा मिला। हालांकि, वे निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह भी दे रहे हैं। बाजार के दिन के उच्चतम स्तर से नीचे आना इस बात का संकेत है कि ऊंचे ग्लोबल बॉन्ड यील्ड, विदेशी निवेश की लगातार निकासी और भू-राजनीतिक तनावों को लेकर चिंताएं अभी भी बनी हुई हैं।
सेक्टर और व्यापक बाजार का हाल
सेक्टोरल इंडेक्स पर नजर डालें तो निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और निफ्टी एफएमसीजी ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया, जबकि निफ्टी हेल्थकेयर और निफ्टी फार्मा में कमजोरी रही। व्यापक बाजारों में भी तेजी का रुख रहा; निफ्टी मिडकैप 0.67% और निफ्टी स्मॉलकैप 0.47% की बढ़त के साथ बंद हुए। एक्सपर्ट्स का सुझाव है कि निवेशकों को फिलहाल कंपनियों की कमाई की संभावनाओं पर ध्यान देना चाहिए और बाजार में गिरावट के समय चुनिंदा शेयरों में खरीदारी की रणनीति अपनानी चाहिए।
इनपुट: IANS



