गुरूवार, 5 नवम्बर 2026 · नई दिल्ली
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शेयर बाज़ार में लगातार छठें दिन बहार, निवेशकों की संपत्ति ₹28 लाख करोड़ बढ़ी

भारतीय शेयर बाज़ार ने गुरुवार को लगातार छठे कारोबारी सत्र में अपनी शानदार तेजी बनाए रखी। इस ज़बरदस्त बढ़त के चलते बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाज़ार मूल्यांकन (मार्केट…

शेयर बाज़ार में लगातार छठें दिन बहार, निवेशकों की संपत्ति ₹28 लाख करोड़ बढ़ी
(फोटो: IANS)

भारतीय शेयर बाज़ार ने गुरुवार को लगातार छठे कारोबारी सत्र में अपनी शानदार तेजी बनाए रखी। इस ज़बरदस्त बढ़त के चलते बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाज़ार मूल्यांकन (मार्केट कैप) ₹501 लाख करोड़ के ऐतिहासिक स्तर पर पहुँच गया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 28 अक्टूबर से अब तक सिर्फ छह दिनों की इस तेजी में निवेशकों की संपत्ति में करीब ₹28 लाख करोड़ का इज़ाफ़ा हुआ है, जब बाज़ार का कुल मूल्य ₹473 लाख करोड़ था।

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गुरुवार को कारोबार बंद होने पर, सेंसेक्स 2,008.61 अंक यानी 2.60% उछलकर 79,310.01 पर बंद हुआ। इसी तरह, निफ्टी भी 576 अंकों या 2.40% की मज़बूती के साथ 24,536.60 के स्तर पर पहुँच गया।

किन सेक्टरों में रही सबसे ज़्यादा रौनक?

बाज़ार की यह तेजी चौतरफा रही, जिसमें लगभग सभी प्रमुख सेक्टर हरे निशान में बंद हुए। सबसे ज़्यादा बढ़त दर्ज करने वाले सूचकांकों में निफ्टी ऑटो (4.14%), निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज (3.99%) और निफ्टी रियल्टी (3.52%) शामिल थे। इनके अलावा प्राइवेट बैंक (3.44%), पीएसयू बैंक (3.13%), आईटी (2.42%) और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (2.32%) जैसे सूचकांकों ने भी शानदार प्रदर्शन किया।

हालाँकि, कुछ सेक्टर दबाव में दिखे, जिनमें निफ्टी इंडिया डिफेंस (-1.69%), निफ्टी मीडिया (-0.84%), निफ्टी एनर्जी (-0.52%) और निफ्टी पीएसई (-0.02%) में हल्की गिरावट दर्ज की गई।

बाज़ार में तेज़ी की वजह क्या है?

बाज़ार के जानकारों का मानना है कि इस उछाल के पीछे अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के नतीजे एक बड़ी वजह हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इन नतीजों से यह उम्मीद बढ़ी है कि वाशिंगटन का रुख अब थोड़ा नरम हो सकता है। इससे ईरान विवाद और टैरिफ़ नीतियों से जुड़ा तनाव कम होने की संभावना है। भू-राजनीतिक तनाव में कमी और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने भी बाज़ार की धारणा को मज़बूत किया है। इसके अतिरिक्त, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड और डॉलर में आई नरमी ने भारत के मुद्रास्फीति के अनुमान और बाहरी खातों पर दबाव कम किया है, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।

मुख्य शेयर: बढ़त दर्ज करने वालों में बजाज फाइनेंस, इंटरग्लोब एविएशन, आईसीआईसीआई बैंक, मारुति सुजुकी और एमएंडएम प्रमुख रहे। वहीं, भारती एयरटेल, पावर ग्रिड, आईटीसी, बीईएल और एनटीपीसी के शेयरों में गिरावट देखी गई।

इनपुट: IANS

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