कमज़ोर वैश्विक संकेतों और भारी बिकवाली से शेयर बाज़ार में गिरावट, सेंसेक्स 876 अंक टूटा
कमजोर वैश्विक संकेतों और चौतरफा बिकवाली के दबाव में भारतीय शेयर बाजार सोमवार को बड़ी गिरावट के साथ बंद हुए। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 876.37 अंक यानी 1.17% लुढ़ककर 73,852.90 पर आ गया…
कमजोर वैश्विक संकेतों और चौतरफा बिकवाली के दबाव में भारतीय शेयर बाजार सोमवार को बड़ी गिरावट के साथ बंद हुए। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 876.37 अंक यानी 1.17% लुढ़ककर 73,852.90 पर आ गया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी 257.20 अंक या 1.11% की गिरावट के साथ 22,888.95 पर बंद हुआ, जो 23,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे है।
समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस गिरावट की मुख्य वजह निजी बैंकों और आईटी शेयरों में मुनाफावसूली रही। बाजार जानकारों का कहना है कि तिमाही नतीजों और मार्जिन को लेकर चिंताओं के कारण निवेशकों ने निजी बैंकों के शेयरों में बिकवाली की। हालांकि, इस कमजोरी के बीच सरकारी बैंकों के शेयर अलग ही चमक बिखेरते नजर आए।
किन सेक्टर्स में रही सबसे ज़्यादा गिरावट?
सोमवार के कारोबारी सत्र में लगभग सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स में सबसे ज्यादा 1.85% की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा फाइनेंशियल सर्विसेज में 1.58%, एफएमसीजी में 1.44% और आईटी सेक्टर में 1.28% की कमजोरी देखी गई। निफ्टी रियल्टी (1.20%), निफ्टी सर्विसेज (1.25%), और निफ्टी कंजप्शन (1.05%) भी नुकसान में रहे।
सरकारी बैंकों के शेयर चमके
बाजार की इस चौतरफा गिरावट के बीच सिर्फ निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स ही हरे निशान में बंद हुआ। मार्जिन और एसेट क्वालिटी स्थिर रहने की उम्मीदों के दम पर इस इंडेक्स में 2.46% की शानदार तेजी आई। बड़े शेयरों (लार्जकैप) के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी बिकवाली का दबाव हावी रहा। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1.09% और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 1.01% टूटकर बंद हुआ।
बाजार के प्रमुख उतार-चढ़ाव
सेंसेक्स में शामिल शेयरों में एक्सिस बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, इन्फोसिस, बजाज फाइनेंस, एनटीपीसी, एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक प्रमुख लूजर्स में शामिल थे। वहीं, एसबीआई, अदाणी पोर्ट्स, और एलएंडटी जैसे कुछ गिने-चुने शेयर ही बढ़त बनाने में कामयाब रहे। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, नतीजों से जुड़ी अस्थिरता और अनिश्चित वैश्विक संकेतों के बीच निवेशक सतर्कता बरत रहे हैं, जिसका असर बाजार की धारणा पर दिख रहा है।
इनपुट: IANS



