चीनी सैनिक भारत की उस जगह बोल रहे हैं धावा जहां भारतीय सेना का हाल है कुछ ऐसा….

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नई दिल्ली: भारतीय सीमा के जिस क्षेत्र पर हर बार चीन घुसपैठ करने की कोशिश कर रहीं है वहां पर अगर चीन की सेना द्वारा हमला किया गया तो हमारी आर्मी शायद ही कुछ कर पाए. इसका मुख्य कारण ये है कि हमारी सेना वहां पर बिना हथियारों के ही पेट्रोलिंग करते है.

बाड़ाहोती क्षेत्र में 80 वर्ग किलोमीटर तक चारागाह फैला हुआ है

जानकारी के मुताबिक, बाड़ाहोती क्षेत्र में 80 वर्ग किलोमीटर तक चारागाह फैला हुआ है और दोनों की तरफ से अपना-अपना दावा किया है. ये ही कारण है लगातार चीन इस क्षेत्र की तरफ घुसने की कोशिश कर रहा है. बाड़ाहोती के ऊपरी साइड तनजुंला दर्रे की तरफ चीनी सैनिक रहते हैं, और रिमखिम उत्तराखंड की अंतिम पोस्ट है. फर्स्ट में आईटीबीपी और उसके बाद आर्मी रहती है.

आपको बता दें कि आईटीबीपी बाड़ाहोती चारागाह के बीच से बहने वाली होतीगाड तक बिना हथियार के ही पेट्रोलिंग करते है. बाड़ाहोती भारत-चीन सीमा की उन तीन चौकियों में से एक है, जहाँ पर आईटीबीपी के जवान बिना हथियार के ही पेट्रोलिंग करते है.

वर्दी के जगह सैनिक आम कपड़ों में रहेंगे

सूत्रों के अनुसार, साल 1958 में भारत और चीन ने बाड़ाहोती 80 वर्ग में फैल इस चारागाह क्षेत्र को विवादित घोषित किया था. तो ये निर्णय लिया गया था कि यहां पर कोई भी जवान नहीं भेजा जाएगा. वहीं साल 2000 में ये फैसला लिया गया कि हिमाचल, उत्तराखंड और यूपी में तीन पोस्टों पर आईटीपीबी बिना हथियारों के ही पेट्रोलिंग करेंगे. और वर्दी के जगह सैनिक आम कपड़ों में रहेंगे. ये ही कारण है कि चीन बार बार आकर यहां पर अपना हक जताता रहा है. और घुसपैठ की कोशिश करता रहा है.

पिछले महीने में चार बार चीनी सैनिक भारतीय सीमा में घुस गए 

उत्तराखंड में चमोली जिले के बाड़ाहोती में 15 अगस्त को चीनी सैनिक लगभग 400 मीटर तक भारतीय सीमा में आ गए थे. पर भारतीय सैनिकों ने उनकी इस हरकत को नाकाम कर दिया. जानकारी के मुताबिक, पिछले महीने चार बार चीनी आर्मी भारतीय सीमा में घुस गई थी. इससे पहले जुलाई माह में भी चीनी सैनिकों की तरफ से 5 बार घुसपैठ की कोशिश की गई थी.

साल 2017 में तीन जून को बाड़ाहोती क्षेत्र में 2 चीनी हेलीकॉप्टर तीन मिनट तक मंडराते रहे थे

बता दें कि साल 2014 में एक चीनी हेलीकॉप्टर बाड़ाहोती क्षेत्र में काफी समय तक घूमता रहा था. वहीं साल 2015 में चीनी सैनिकों ने भारतीय सीमा में पहुंचकर चरवाहों का खाद्यान्न तक खराब कर दिया था. साल 2016 में भी सीमा क्षेत्र के निरीक्षण पर गई चमोली प्रशासन की टीम का भी चीनी सैनिकों से सामना हुआ था और साल 2017 में तीन जून को बाड़ाहोती क्षेत्र में 2 चीनी हेलीकॉप्टर तीन मिनट तक मंडराते रहे थे.