RBI की बैठक से पहले शेयर बाजार में रौनक, सेंसेक्स 73,000 के पार, निफ्टी भी 1% चढ़ा
भारतीय शेयर बाजार ने लगातार दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को भी अपनी बढ़त बनाए रखी। पिछले हफ्ते की भारी गिरावट के बाद निवेशकों का भरोसा लौटता दिख रहा है, जिसके चलते बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का…
भारतीय शेयर बाजार ने लगातार दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को भी अपनी बढ़त बनाए रखी। पिछले हफ्ते की भारी गिरावट के बाद निवेशकों का भरोसा लौटता दिख रहा है, जिसके चलते बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 685 अंक चढ़कर 73,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, यह तेजी भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक के नतीजों से ठीक पहले देखने को मिली है।
मंगलवार को बाजार बंद होने पर, 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 0.95% की बढ़त के साथ 73,067.81 पर बंद हुआ। इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी50 सूचकांक भी 220.35 अंक यानी 0.98% उछलकर 22,776.10 पर पहुंच गया। बाजार की इस मजबूती से पिछले दो सत्रों में ही सेंसेक्स में 1,000 से अधिक अंकों और निफ्टी में 300 से ज्यादा अंकों की बढ़त दर्ज हो चुकी है।
छोटे और मझोले शेयरों में भी खरीदारी
बाजार की यह तेजी सिर्फ बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रही। व्यापक बाजारों (broader markets) में भी निवेशकों ने जमकर खरीदारी की। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 1.08% और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 1.56% की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई, जो बाजार के सकारात्मक रुख को दर्शाता है।
किन सेक्टर्स में रही तेजी और कहाँ हुई गिरावट?
अगर सेक्टोरल प्रदर्शन की बात करें तो निफ्टी केमिकल, फार्मा, ऑयल एंड गैस, एफएमसीजी, प्राइवेट बैंक और हेल्थकेयर सूचकांकों में 1% से ज्यादा की बढ़त देखी गई। दूसरी ओर, निफ्टी आईटी, रियल्टी और पीएसयू बैंक जैसे सेक्टर्स में गिरावट का दबाव रहा। निफ्टी50 के शेयरों में ट्रेंट, बीएसई, कोटक महिंद्रा बैंक, नेस्ले इंडिया और एचयूएल सबसे ज्यादा फायदे में रहे, जबकि कोल इंडिया, टेक महिंद्रा और अल्ट्राटेक सीमेंट जैसे शेयर गिरावट के साथ बंद हुए।
बाजार में तेजी के पीछे क्या हैं वजहें?
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तेजी के पीछे वैश्विक संकेतों का भी हाथ है। एक मार्केट एक्सपर्ट ने बताया कि अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में सुधार से बाजार को सहारा मिला, जहाँ मंगलवार को 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड में 0.50% से ज्यादा की गिरावट आई। इसके अलावा, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी ने भी बाजार की धारणा को मजबूत किया है। हाल ही में ब्रेंट क्रूड ऑयल का भाव 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया है। फिलहाल, सभी की निगाहें बुधवार (7 अक्टूबर) को आने वाले RBI की MPC बैठक के नतीजों पर टिकी हैं।
इनपुट: IANS



