रेलवे बोतलों को क्रश करके बनायेगा टीशर्ट, इन स्टेशनों पर लगी मशीनें

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भारतीय रेलवे दुनिया की सबसे बड़ी रेल व्यवस्था है। इसमें कोई शक नहीं हैं। भारतीय रेलवे समय-समय पर नयी-नयी योजनाएं लांच करती रहती है। इस बार भारतीय रेलवे ने पर्यावरण से सम्बंधित मुहिम चलायी है। आइये जानते हैं कि क्या है वह मुहिम-

भारतीय रेलवे ने तय किया है कि रेलवे स्टेशन के आस पास फेंकी जाने वाली बोतलों को रीसायकल कर टीशर्ट बनाया जायेगा। रेलवे इसका सफल टेस्ट कर चुका है। रेलवे ने यह टेस्ट पटना रेलवे स्टेशन पर किया है। अब रेलवे देश के अन्य 2250 स्टेशन पर इस तरह की रिसाईकिलिंग मशीन लगायेगा। अब ख़राब हो चुकी पानी की बोतलों को फिर से उपयोग में लाया जा सकेगा। रिसाईकिलिंग मशीन को क्रश मशीन भी कहा जाता है।

रेलवे बोर्ड की एडीजी स्मिता वत्स शर्मा के अनुसार रोजाना करीब 16 लाख पानी की बोतल इस्तेमाल होती हैं। इस प्रयोग के तहत हर स्टेशन पर रोज 300 बोतल रीसायकल की जाएंगी।

प्रतिदिन के हिसाब से 2250 स्टेशनों पर इस तरह 7 लाख बोतलें रीसायकल होंगी, अरु इनसे करीबन 58 हजार टीशर्ट बनायीं जा सकेंगी। पूर्व मध्य रेलवे के सीपीआरओ राजेश कुमार ने बताया कि पटना, राजेंद्र नगर और दानापुर में बोतल क्रश मशीन लगाई जा चुकी हैं, पटना स्टेशन से रोजाना करीब 300 बोतलें क्रश मशीन में डाली जा रही हैं।

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अगर गणित देखा जाए तो 12 बोतलों को क्रश करने के बाद 1 टीशर्ट बन रही है। ऐसा कहा जा रहा है कि बोतलों को क्रश करके बनी टीशर्ट आम टीशर्ट के मुकाबले ज्यादा टिकाऊ होती है।

यह देखना दिलचस्प होगा कि रेलवे की यह मुहिम कितनी कारगर सिद्ध होती है, लेकिन इससे एक बात तो साबित होती है कि अगर यह प्रयास सफल रहा तो पर्यावरण के क्षेत्र में वाक़ई बड़ी उपलब्धि होगी। ऐसी योजना समुद्र के लिए भी चलानी चाहिए क्योकि प्लास्टिक बोतलों से समुद्र प्रदूषित हो रहा है और समुद्री जीवों को इससे नुकसान पहुंच रहा है।