‘सिंगल यूज प्लास्टिक ’ में मोदी संग रेलवे, किया ये बड़ा ऐलान

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भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश को हर मामले में ऊंचाइयों तक पहुंचाना चाहते हैं। अपने पहले कार्यकाल के दौरान स्वच्छ भारत अभियान और हर घर जल जैसी बड़ी योजनाओं के बाद अब दूसरे कार्यकाल में प्रधानमंत्री मोदी ने देश में सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल को खत्म करने की मुहिम छेड़ी है।

चलिए पहले आपको बताते हैं कि सिंगल यूज प्लाटिक है क्या। सिंगल-यूज प्लास्टिक उसे कहते हैं जिसका हम एक बार ही इस्‍तेमाल करते हैं। रोजमर्रा की जिंदगी में तमाम ऐसे प्‍लास्टिक के प्रोडक्‍टस हैं जिसे हम एक बार इस्‍तेमाल करके फेंक देते हैं। इसी तरह के प्‍लास्टिक को सिंगल यूज प्‍लास्टिक कहा जाता है। इसके अलावा इसे डिस्पोजेबल प्‍लास्टिक के नाम से भी जाना जाता है।

प्लास्टिक से फैलाने वाले प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए आधिकारिक तौर पर पीएम मोदी द्वारा छेड़े गए अभियान में इंडियन रेलवे ने भी भरोसा दिखाते हुए बड़ा फैसला लिया है। इंडियन रेलवे ने सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल को रोकने के लिए चाय, लस्सी, स्नैक्स के अलावा खाने-पीने के तमाम आइट्स को मिट्टी के बर्तन में बेचने का फैसला लिया है। देशभर के 400 अहम रेलवे स्टेशन पर भारतीय रेलवे ने इस सुविधा की शुरुआत करने का फैसला लिया है।

प्लास्टिक प्रदूषण रोकथाम के लिए (KVIC) देश के तमाम रेलवे स्टेशन पर इस सुविधा को मुहैया कराएगी। इस मुहिम के तहत पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए कुल्हड़, ग्लास, प्लेट में फूड आईटम लोगों को दिया जाएगा। रेल मंत्रालय ने इस बाबत पहले ही सभी रेलवे जोन के प्रिंसिपल चीफ कॉमर्शियल मैनेजर्स और आईआरसीटीसी के सीएमडी को निर्देश दे दिया है। जिसमे कहा गया है कि तत्काल प्रभाव से लोगों को इकोफ्रैंडली पात्र में ही फूड आईटम को सर्व करने की शुरुआत की जाए।

रेल मंत्रालय ने इस बाबत 9 सितंबर को पत्र लिखा है, जिसमे कहा गया है कि 25 रेलवे स्टेशन की पहचान की जाए, जहां पर इस सुविधा की शुरुआत की जाए। इसके लिए रेलवे स्टेशन की एक लिस्ट को भी साझा किया गया है।

माना जा रहा है कि हर जोन के इन रेलवे स्टेशन पर सबसे पहले इस सुविधा की शुरुआत की जाएगी। KVIC पहले से ही ऐसे कई कार्यक्रम चला रहा है जिससे पर्यावरण को सुरक्षित रखा जा सके। इसमे कुम्हार सशक्तिकरण योजना अहम है जिसके तहत गरीबों के घर पर उन्हें रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे कि उनकी आर्थिक स्थिति बेहतर हो सके। बहराल, भारतीय रेलवे की प्लास्टिक प्रदूषण मुक्त अभियान में भागीदारी से पर्यावरण में कब और कितना फायदा होगा, इस पर सबकी नजर रहेगी।

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