भारत सबसे ताकतवर अंडरवॉटर न्यूक्लियर मिसाइल देने की कोशिश में

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भारत सबसे ताकतवर अंडरवॉटर न्यूक्लियर मिसाइल देने की कोशिश में !
भारत सबसे ताकतवर अंडरवॉटर न्यूक्लियर मिसाइल देने की कोशिश में !

भारत रक्षा के क्षेत्र में नई-नई कोशिशे करने में जुटा है। इसके पीछे भारत की सिर्फ यह मंशा है की ऐसी मिसाइलों का प्रयोग हिन्दुस्तान केवल और केवल आत्मरक्षा के लिए कर रहा है।भारत की तीनों सेनाएं एक से बढ़कर एक अपने खेमें में जंगी हथियार जोड़ रहीं है। फिर चाहे वो एयर फोर्स के लड़ाकू विमान और मिसाइले हों या फिर नेवी के जंगी जलपोत वही थल सेना के लिए तोपों को भी जंगी बेड़े में शामिल किया जा रहा है। यह देश आपने दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब देने में सहायक होगा। अब भारत एक और न्यूक्लियर मिसाइल का परीक्षण करने जा रहा है।

8 नवंबर को आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम तट पर डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (डीआरडीओ) द्वारा यह परीक्षण किया जायेगा। पानी के अंदर बने एक प्लेटफॉर्म से इसकी लॉन्चिंग की जाएगी। खबरों के अनुसार इस न्यूक्लियर मिसाइल का नाम के-4 होगा। यह देश की दूसरी अंडरवॉटर मिसाइल है। यह मिसाइल 3500 किमी दूर तक सटीक निशाना साध सकती है। इसके पहले B0-5 न्यूक्लियर मिसाइल का भारत ने सफल परिक्षण किया था. जिसकी मारक क्षमता 700 किलोमीटर से भी अधिक है।

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इस लिहाज से के-4 भारत की सबसे शक्तिशाली अंडर वॉटर मिसाइल होगी। डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (डीआरडीओ) ने इससे पहले 700 किमी मारक-क्षमता वाली बीओ-5 मिसाइल तैयार की थी। 2016 देश में बनी पहली न्यूक्लियर आर्म्ड सबमरीन आईएनएस अरिहंत को अगस्त 2016 में नेवी के बेड़े में सम्मिलित किया गया था। अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, रूस और चीन के अलावा भारत ऐसा छठा देश है जिसके पास अंडर वॉटर न्यूक्लियर मिसाइल है। यह भारत के लिए बहुत की गर्व की बात है, अगर इस मिसाइल का परीक्षण सफल रहा तो भारत की शक्ति में वृद्धि होना लाज़मी है।