भारत विश्व में तीसरा आतंकी पीडित देश, भारत का माओवादी संगठन भी है खतरनाक

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भारत हमेशा से ही आतंक से पीडित देश रहा है। पाकिस्तान के आतंक नें हमेशा से ही भारत को लहुलुहान किया है। चाहे जम्मू कश्मीर हो या फिर मुबंई भारत आतंक का पीडित देश रहा है। लेकिन अमेरिका नें अपनी एक रिपोर्ट में दुनिया के तमाम आतंकी प्रभावित देशों में भारत को तीसरा आतंकी पीडित देश घोषित किया है। अमेरिका विदेश विभाग की START की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक 2017 में दुनिया में आतंक का सबसे बड़ा पीडित देश इराक है दुसरे स्थान पर अफगानिस्तान है। वहीं अगर भारत की बात करें तो माओवादियों नें भारत में सबसे ज्यादा आतंक की वारदात को अंजाम दिया है।

माओवादी छठा ख़तरनाक संगठन

START की रिपोर्ट के मुताबिक भारत के सीपीआई-माओवादी संगठन को 2017 का दुनिया का छठा सबसे खतरनाक आतंकी संगठन बताया है। 2017 में इस समूह नें 317 हमले किए है। इन हमलों में 233 लोगों की मौत हुई है। इसके हमलों में 2016 की तुलना 12 फीसदी की कमी आई है। लेकिन इस दौरान इसके हमलों में मारे गए लोगों की संख्या में 15 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। भरात के लिए यह खतरे की घंटी है।

टीटीपी और हिजबुल भी है सूची में

दुनिया के 20 सबसे खूंखार आतंकी संगठनों की सूची मे भारत का सीपीआई-माओवादी छठे स्थान पर है। इसके अलावा गोरखा जनमुक्ति मोर्चा को 14 वें स्थान पर रखा गया है। जीजेएम ने 2017 में 70 हमले किए और 1 आदमी को मारा। इस सूची में पाकिस्तान का आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान 11 वे स्थान पर है। इसके 106 हमलों में 500 लोग मारे गए है। वहीं भारत में आतंक फैळाने वाला पाकिस्तान का आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन 20वें स्थान पर है। इसने 49 हमले किए, जिसमें 47 लोग मारे गए। 2016 के मुकाबले इसके हमलों में 188 फीसदी की बढ़ोतरी हुई।

2017 में घटा वैश्विक आतंकवाद

रिपोर्ट में दावा किया गया है की 2017 में लगातार तीसरे साल दुनिया में आतंकी हमलों में 23 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। वहीं आतंकवादी हमलों में मारे जाने वाले लोगों की संख्या भी 27 प्रतिशत कम हुई है। 2017 में दिया भर में कुल 10,900 आतंकी हमले हुए है। इनमें 26,400 लोगों की मौत हुई इससे पहले 2014 में दुनिया में 17,000 सर्वाधिक आतंकी हमले दर्ज किए गए। इनमें 45,000 लोगों की मौत हुई थी। 2017 का सबसे जानलेवा आतंकी हमला सोमालिया की राजधानी मोगादीशू में हुआ था। यहां एक ब्लास्ट में 580 लोग मारे गए थे।