भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच व्यापार समझौता 20 अक्टूबर से होगा लागू, कानूनी प्रक्रिया पूरी
भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को लागू करने का रास्ता साफ़ हो गया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, दोनों देशों ने इस समझौते के लिए ज़रूरी सभी घरेलू कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा…
भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को लागू करने का रास्ता साफ़ हो गया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, दोनों देशों ने इस समझौते के लिए ज़रूरी सभी घरेलू कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा कर लिया है और औपचारिक रूप से राजनयिक दस्तावेज़ों (डिप्लोमेटिक नोट्स) का आदान-प्रदान किया है। यह समझौता इस साल 20 अक्टूबर, 2026 से प्रभावी हो जाएगा, जो दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों में एक अहम मील का पत्थर साबित होगा।
न्यूज़ीलैंड में भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इसकी पुष्टि की। पोस्ट में बताया गया कि उच्चायुक्त मुआनपुई साइवी और न्यूज़ीलैंड के व्यापार व निवेश मंत्री टॉड मैक्ले ने इन दस्तावेज़ों का आदान-प्रदान किया। इस समझौते के लागू होने की तारीख विजयादशमी (दशहरा) के दिन पड़ रही है, जिसे भारत के केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने दोनों देशों के लिए एक 'जीत' बताया है।
संसद से मिली हरी झंडी
कुछ समय पहले IANS के साथ एक विशेष साक्षात्कार में, न्यूज़ीलैंड के मंत्री टॉड मैक्ले ने कहा था कि उन्हें यह समझौता एक महीने के भीतर लागू होने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि न्यूज़ीलैंड की संसद ने इस FTA को भारी समर्थन से मंज़ूरी दी थी। समझौते के पक्ष में 93 सांसदों ने वोट किया, जबकि केवल 26 सांसदों ने इसका विरोध किया, जिससे ज़ाहिर होता है कि वहां की दोनों प्रमुख राजनीतिक पार्टियों का इसे समर्थन प्राप्त है।
व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य
मंत्री टॉड मैक्ले ने इस समझौते को न्यूज़ीलैंड और भारत द्वारा किए गए बेहतरीन व्यापार समझौतों में से एक बताया है। उन्होंने विश्वास जताया कि इससे द्विपक्षीय व्यापार को ज़बरदस्त बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने यह भी बताया कि न्यूज़ीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल 2030 तक दोनों देशों के बीच व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। मैक्ले के मुताबिक, "मुझे लगता है कि अब यह लक्ष्य हासिल करना पूरी तरह संभव है।"
इनपुट: IANS



