रामलीला मैदान से विपक्ष का सरकार पर हमला, 'डबल इंजन' को बताया 'डबल जीरो'
दिल्ली के रामलीला मैदान में बुधवार को 'इंडी गठबंधन' ने एक महारैली का आयोजन किया, जिसमें शामिल हुए कई विपक्षी दलों के नेताओं ने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार के साथ-साथ चुनाव आयोग की भूमिका पर भी गंभीर…
दिल्ली के रामलीला मैदान में बुधवार को 'इंडी गठबंधन' ने एक महारैली का आयोजन किया, जिसमें शामिल हुए कई विपक्षी दलों के नेताओं ने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार के साथ-साथ चुनाव आयोग की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठाए। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस रैली में समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव, शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत और कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने लोकतंत्र और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर सरकार को घेरा।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा, "जो लोग डबल इंजन की बात करते थे, वे अब डबल जीरो हो गए हैं।" अखिलेश ने मुख्यमंत्री के उस बयान का हवाला दिया जिसमें उन्होंने 1 करोड़ 27 लाख वोट कम होने की बात स्वीकारी थी। यादव ने सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री को यह आंकड़ा एमएलसी चुनाव हारने के बाद ही क्यों याद आया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया, "वे अपनी हार भी स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने चुनाव आयोग के साथ मिलकर दूसरी बार वोटों की गिनती करवाई। इस तरह एक ही चुनाव में डबल इंजन की सरकार को दोहरी हार का सामना करना पड़ा।"
मतदाता सूची और चुनाव आयोग पर सवाल
रैली में मौजूद कई नेताओं ने मतदाता सूची से नाम काटे जाने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के साथ मिलकर मतदाता सूची से लोगों के नाम काटे गए हैं, जिससे जनता में गुस्सा है। वहीं, अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री से पूछा कि उन्हें 1 करोड़ 27 लाख वोटों का आंकड़ा कहाँ से मिला और किसने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह कोई सामान्य जानकारी नहीं है जो सड़क पर मिल जाए।
शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने भी चुनाव आयोग पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन तब तक नहीं रुकेगा जब तक ज्ञानेश कुमार को बाहर नहीं निकाल दिया जाता। राउत ने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी दल एकजुट हैं और यह लड़ाई लोकतंत्र और देश को बचाने के लिए है।
'लोकतंत्र बचाने के लिए एकजुट'
विपक्षी नेताओं ने इस रैली को लोकतंत्र की रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया। संजय राउत ने इसे एक 'मेगा रैली' करार देते हुए कहा कि जब जंतर-मंतर पर प्रदर्शन रोका गया, तब रामलीला मैदान में जुटने का फैसला हुआ। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि राहुल गांधी के आह्वान पर लाखों लोग रैली में शामिल होने आए हैं और यह चुनाव आयोग के मौजूदा नेतृत्व के खिलाफ जनता की आवाज है।
कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने रैली में बड़ी संख्या में हरियाणा से लोगों के पहुंचने का दावा किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि लोगों को रैली में आने से रोकने के लिए जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई और ट्रैफिक धीमा करने का प्रयास हुआ। सपा सांसद नारायण दास अहिरवार ने कहा कि व्यापारी से लेकर किसान-मजदूर तक, समाज का हर वर्ग परेशान है और सत्ताधारी दल को झूठ बोलने की आदत हो गई है।
इनपुट: IANS



