विपक्षी गठबंधन का चुनाव आयोग पर हमला, अखिलेश यादव बोले- 'लगता है EC सिर्फ़ BJP के लिए काम कर रहा है'
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भारतीय चुनाव आयोग (EC) की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि आयोग भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पक्ष में काम करता हुआ प्रतीत होता है…
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भारतीय चुनाव आयोग (EC) की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि आयोग भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पक्ष में काम करता हुआ प्रतीत होता है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, दिल्ली में इंडी गठबंधन के एक प्रस्तावित विरोध मार्च से पहले पत्रकारों से बात करते हुए अखिलेश ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर शिकायतें या आपत्तियां दर्ज की गई हैं।
अखिलेश यादव ने कहा, “ऐसा लगता है कि चुनाव आयोग का मानना है कि सिर्फ भाजपा के सदस्य ही भारतीय नागरिक हैं... कई मौकों पर ऐसा भी लगता है कि आयोग मानता है कि सिर्फ भाजपा के सदस्य ही वोट देने के हकदार हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि जब से भाजपा सत्ता में आई है, चुनाव आयोग का रवैया बदल गया है। सपा प्रमुख ने ज़ोर देकर कहा कि आयोग को संविधान के अनुसार निष्पक्ष रूप से काम करना चाहिए।
विभिन्न राज्यों में चुनावी धांधली का आरोप
अखिलेश ने भाजपा पर धनबल और संसाधनों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाते हुए उसे एक “इलेक्शन मशीन” बताया। उन्होंने कहा कि पार्टी सिर्फ चुनावी प्रक्रिया से नहीं जीतती, बल्कि उसके पास बड़ी मात्रा में पैसा और संसाधन हैं। उन्होंने पश्चिम बंगाल में फोर्स के ज़रिए बूथ कैप्चरिंग की घटनाओं का ज़िक्र किया और कहा कि ऐसी ही स्थिति उत्तर प्रदेश में भी देखने को मिली थी। सपा प्रमुख ने उत्तर प्रदेश के कुंदरकी और मीरापुर विधानसभा चुनावों के साथ-साथ अयोध्या और अंबेडकर नगर के उपचुनावों में भी कथित धांधली के आरोप लगाए।
'एक देश, एक चुनाव' पर भी उठाए सवाल
भाजपा के 'एक देश, एक चुनाव' प्रस्ताव की आलोचना करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि यह विचार सिर्फ प्रशासनिक कुशलता के लिए नहीं है, बल्कि इसके पीछे चुनावी व्यवस्था को प्रभावित करने की रणनीति हो सकती है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा, “यदि चुनावी व्यवस्था में एक बार धांधली कर दी जाए और उसके बाद पांच साल तक बार-बार चुनावी जांच-पड़ताल की जरूरत न पड़े, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय होगा।”
अन्य नेताओं की प्रतिक्रियाएं
इस बीच, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद कल्याण बनर्जी ने भी चुनाव आयोग पर निशाना साधा। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को “वोट चोर” कहते हुए उनके इस्तीफे की मांग की। बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा ने “वोट चोरी” के ज़रिए 2024 का लोकसभा चुनाव और साथ ही हरियाणा, महाराष्ट्र, बिहार तथा पश्चिम बंगाल के चुनाव जीते। हालांकि, लद्दाख के सांसद मोहम्मद हनीफा ने स्पष्ट किया कि वह इस विरोध मार्च में शामिल नहीं होंगे, क्योंकि उन्हें केंद्रीय गृह मंत्री के साथ एक बैठक में हिस्सा लेना है।
इनपुट: IANS



