औरंगाबाद में दो समुदाय के बीच दिखी हिंसक झड़प, 100 से ज्यादा दुकानें खाक

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औरंगाबाद में दो समूहों की झड़प ने हिंसा का रूप ले लिया. बीते रात नल को तोड़ने पर दो समूहों के बीच काफी झड़प देखने को मिली. इस दौरान करीब 100 से ज्यादा दुकानों में आग लगा दी गई. हालांकि हिंसा के पीछे की वजह आपसी रंजिश और पुरानी दुश्मनी भी बताई जा रही है.

क्या है विवाद

पानी को लेकर हम आए दिन कोई ना कोई विवाद सुनते ही रहते है. औरंगाबाद में तक़रीबन 6 से 7 के बीच के आस-पास एक मस्जिद में लगे नल को लेकर दो गुटों के बीच भयंकर झगड़ा देखने को मिला था. इस हिंसा में एक व्यक्ति की मौत, जबकि कई लोगों के जख्मी होने की खबर है. इस हिंसा के कारण करीब 100 से ज्यादा दुकानें जलकर खाक हो गई. बहरहाल, इलाके में धारा 144 लागू कर दी गई है. बता दें कि पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह दो अलग-अलग समुदाय का मामला है. जब पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे तो उन्होंने बताया कि हिंसा ने एक अलग ही रूप ले लिया था. और उसको कंट्रोल करना काफी मुश्किल हो गया. जिसके कारण प्रशासन को धारा 144 लागू करनी पड़ी.

डीसीपी जोन-वन विनायक ढाकने के मुताबिक प्रभावित इलाकों में भारी तादाद में पुलिसवालों की तैनात किया गया है. वहीं उन्होंने हिंसा कर रहें दोनों समुदाय के लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का भी भरोसा दिलाया है. महाराष्ट्र के गृह राज्य मंत्री ने भी आम लोगों से अफवाहों पर ध्यान ना देने की अपील की है.

हिंसा का कारण अभी तक साफ नहीं हुआ है

बहरहाल, इस घटना की मुख्य वजह अभी तक सामने नहीं आई है. हालांकि विवाद किस बात पर शुरु हुआ ये भी अभी तक साफ नहीं हो सका है, लेकिन घटना के लिए तीन अलग-अलग आयाम बताई जा रही हैं.

रिपोर्टर का कहना है कि दो-तीन दिन पहले आम खरीदने के कारण दोनों गुटों में विवाद देखा गया था. जो शुक्रवार की शाम को ज्यादा बढ़ गया और दो गुटों में मारा-मारी हुई. दूसरा पहलू यह कहा जा रहा कि लच्छू पहलवान बजरंग दल और शिव सेना का सदस्य है के करीबी रिश्तेदार के साथ झगड़ा हुआ था.
तीसरा जिसके कारण इस विवाद ने सुर्खिया बटोरी वह है कि मस्जिद का अवैध वाटर कनेक्शन काट दिया, लेकिन औरंगाबाद नगर महापालिक के मुताबिक हमने कोई पानी का कनेक्शन नहीं काटा.

 

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