लोकसभा चुनाव 2019 : अमेठी में एक बार फिर होगी ‘राहुल बनाम स्मृति’ की सियासी जंग

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आम चुनाव 2019 में एक बार फिर अमेठी सीट पर ‘राहुल बनाम स्मृति’ होने जा रहा है। बीजेपी द्वारा जारी उम्मीदवारों की पहली लिस्ट में बीजेपी ने राहुल को सीधी टक्कर देने के लिए स्मृति ईरानी को चुनावी अखाड़े में उतारा है। कांग्रेस का गढ़ रही उत्तर प्रदेश की अमेठी की VVIP सीट पर इस बार VVIP उम्मीदवारों की सियासी जंग देखने को मिलेगी। एक तरफ जहां, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अपने गढ़ में विपक्षी उम्मीदवारों को मात देने के लिए तैयार होंगे वहीं दूसरी, तरफ़ इस सीट के लिए बीजेपी की उम्मीदवार स्मृति ईरानी 2014 की हार को भूलकर कांग्रेस अध्यक्ष को कड़ी चुनौती देने की तैयारी में जुटी होंगी।


2014 में हार गईं थी बीजेपी की स्मृति ईरानी


2014 में हुए आम चुनाव में मोदी लहर के बावजूद, अमेठी की सीट से बीजेपी नहीं जीत पाई थी। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बीजेपी उम्मीदवार स्मृति ईरानी को 1 लाख से अधिक वोटों से हराया था। राहुल को 408651 वोट मिले थे वहीं स्मृति को 300748 वोट हासिल करके दूसरे पायदान पर रही थीं। ऐसे में बीजेपी व स्मृति दोनों के लिए अमेठी की सीट पर जीत हासिल करना बड़ी चुनौती होगी।

कांग्रेस का गढ़ रहा है अमेठी

1967 में बनी अमेठी की संसदीय सीट पर लगातार कांग्रेस पार्टी का क़ब्ज़ा रहा है। इस सीट को कांग्रेस का गढ़ माना जाता है। जनता पार्टी ने 1977 के आम चुनाव में जबकि बीजेपी ने 1998 के चुनाव में इस सीट को जीतने में क़ामयाबी पाई थी। राहुल के पिता व पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी भी इस सीट से कई बार चुनाव लड़कर जीत हासिल कर चुके हैं। राहुल की मां भी इस सीट से एक बार चुनाव लड़कर जीत चुकी हैं। 2004 से राहुल गांधी यहां से सांसद हैं।