इमरान खान को देश छोड़ने के निर्देश पर संजय राउत ने उठाए सवाल, सरकार की मंशा पर निशाना
अभिनेता इमरान खान को एक विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के बाद कथित तौर पर देश छोड़ने के लिए कहे जाने पर राजनीतिक बहस छिड़ गई है। शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने इस मुद्दे पर सरकार की आलोचना…
अभिनेता इमरान खान को एक विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के बाद कथित तौर पर देश छोड़ने के लिए कहे जाने पर राजनीतिक बहस छिड़ गई है। शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने इस मुद्दे पर सरकार की आलोचना करते हुए सवाल किया है कि क्या किसी कलाकार को विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने के कारण देश छोड़ने का निर्देश दिया जा सकता है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, गुरुवार को एक प्रेसवार्ता में राउत ने इस कार्रवाई को सरकार का डर बताया।
संजय राउत ने कहा, "इमरान खान एक अभिनेता और कलाकार हैं। जब वे देश के युवाओं की आवाज बनकर विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए, तो सरकार डर गई और उन्हें विदेशी नागरिक करार देते हुए देश छोड़ने के लिए कह दी।" उन्होंने सीधा सवाल किया, "आखिर सरकार किसी कलाकार को देश छोड़ने का निर्देश देने वाली कौन होती है?"
विदेशी कलाकारों पर भी हो कार्रवाई
राउत ने बॉलीवुड में मौजूद अन्य विदेशी नागरिकता वाले कलाकारों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि फिल्म उद्योग में कनाडा, दुबई, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और अन्य देशों से जुड़े कई कलाकार हैं। उनका तर्क था कि अगर विदेशी नागरिकता ही कार्रवाई का आधार है, तो ऐसे सभी लोगों की सूची बनाकर उन पर भी समान नियम लागू किया जाना चाहिए।
अपनी बात को पुष्ट करने के लिए उन्होंने यूट्यूबर ध्रुव राठी का उदाहरण दिया, जो जर्मनी में रहते हैं और एक विदेशी नागरिक हैं। राउत के मुताबिक, राठी ने भी एक विरोध प्रदर्शन में भाग लिया था, लेकिन उन्हें देश छोड़ने के लिए नहीं कहा गया। उन्होंने शेख हसीना का भी जिक्र किया, जिन्हें कथित तौर पर भारत में शरण दी गई है, और कहा कि सरकार को पहले उन्हें देश से बाहर भेजना चाहिए। राउत ने यह भी आरोप लगाया कि कई अन्य विदेशी नागरिक भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की कृपा से देश में रह रहे हैं।
चुनाव याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट से उम्मीद
इस दौरान संजय राउत ने चुनाव संबंधी याचिकाओं पर भी बात की और सुप्रीम कोर्ट पर अपना भरोसा जताया। उन्होंने जानकारी दी कि इस मामले में कुल 11 याचिकाएं दायर की गई हैं, जिनमें राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और 'इंडी' गठबंधन के नौ अन्य सहयोगी दल शामिल हैं। राउत ने बताया कि शीर्ष अदालत ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयोग और अन्य के खिलाफ इन याचिकाओं को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है। उन्होंने कहा, "हमें सुप्रीम कोर्ट और भारत के मुख्य न्यायाधीश पर पूरा भरोसा है," और उम्मीद जताई कि अदालत उन्हें और करोड़ों मतदाताओं को न्याय दिलाएगी।
इनपुट: IANS



