IIT दिल्ली के PhD स्कॉलर की मौत: 45 दिन बाद FIR, मुनिरका के किराए के कमरे में मिला था छात्र
आईआईटी दिल्ली के एक पीएचडी स्कॉलर की मौत के मामले में दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। यह कदम छात्र के घायल मिलने और फिर 45 दिनों से अधिक समय तक अस्पताल में इलाज के बाद हुई मौत के बाद उठाया गया…
आईआईटी दिल्ली के एक पीएचडी स्कॉलर की मौत के मामले में दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। यह कदम छात्र के घायल मिलने और फिर 45 दिनों से अधिक समय तक अस्पताल में इलाज के बाद हुई मौत के बाद उठाया गया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह घटना आईआईटी परिसर के बाहर, मुनिरका गांव में छात्र के किराए के मकान में हुई थी।
पुलिस ने रविवार को किशनगढ़ थाने में यह मामला दर्ज किया। एफआईआर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और आईआईटी दिल्ली के सुरक्षा अधिकारी द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर की गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अब तक की जांच में मृतक के परिवार या किसी गवाह ने किसी पर कोई शक या आरोप नहीं लगाया है।
क्या हुआ था उस दिन?
यह मामला 18 अगस्त 2026 का है, जब पीएचडी स्कॉलर अपने किराए के मकान में घायल और बेहोश अवस्था में पाए गए थे। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था, जिसे पड़ोसियों ने तोड़ा था। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और छात्र को एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया, जहां उनका लंबा इलाज चला।
जांच में जुटी पुलिस
पुलिस के मुताबिक, घटना के समय छात्र घर में अकेला था, जिसकी पुष्टि घर के बाहर लगे सीसीटीवी फुटेज से भी होती है। 45 दिनों से ज्यादा चले इलाज के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका और 3 अक्टूबर 2026 को उनकी मृत्यु हो गई। पुलिस ने अब एफआईआर दर्ज कर मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। इस घटना ने एक बार फिर छात्रों के जीवन में तनाव के मुद्दे पर बहस छेड़ दी है।
इनपुट: IANS



