मुझे अपने पिता की तरह किसी पद का लालच नहीं : सिंधिया

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कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दावा किया कि मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री नहीं नियुक्त किए जाने पर उन्हें कोई पछतावा नहीं है. साथ ही कहा कि उन्होंने वही स्वीकार किया, जो पार्टी हाई कमांड ने करने के लिए कहा था. पत्रकारों से बातचीत में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि आप जो भी बोलते हैं, उसी का अभ्यास करना जीवन में महत्वपूर्ण होता है और मैंने कहा था कि मैं इस मामले में कांग्रेस हाई कमांड के फैसले को ही मानूंगा. साथ ही उन्होंने कहा कि उनके बजाय जब पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ को मुख्यमंत्री के रूप में चुना गया, तब उन्होंने विरोध नहीं किया

हालांकि, ज्योतिरादित्य सिंधिया ने यह बताने से इनकार कर दिया कि उन्हें उपमुख्यमंत्री की भूमिका का प्रस्ताव मिला था या नहीं. उन्होंने कहा कि मैं यह नहीं कह सकता हूं. मैं पहले से ही संसद में अपनी पार्टी का मुख्य व्हिप हूं और मुझे कुछ और दिया जाना चाहिए होगा, तो यह नेतृत्व तय करेगा. व्यक्तिगत तौर पर आप इस काम के लिए कमरकस कर तैयार रह सकते हो और पार्टी को मजबूती दे सकते हो

बता दें कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने 114 सीटें जीती हैं, जिसका परिणाम 11 दिसंबर को आया. हालांकि, सपा और बसपा और निर्दलीय के समर्थन से कांग्रेस ने बहुमत के आंकड़े को पार कर लिया. बता दें कि यहां बहुमत के लिए 116 सीटों की जरूरत थी।