स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज में तनाव: समुद्री सुरंग से टकराकर दो टैंकरों और एक टगबोट में आग, ईरान का दावा
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज में समुद्री बारूदी सुरंग से टकराने के बाद दो तेल टैंकरों और एक टगबोट में आग लग गई। समाचार एजेंसी IANS की…
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज में समुद्री बारूदी सुरंग से टकराने के बाद दो तेल टैंकरों और एक टगबोट में आग लग गई। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना बुधवार रात को तब हुई जब ये जहाज़ एक 'अनधिकृत रास्ते' से गुज़रने की कोशिश कर रहे थे। ईरान ने इस घटना के लिए अमेरिका को ज़िम्मेदार ठहराया है।
IRGC द्वारा जारी और ईरान की अर्ध-सरकारी फार्स न्यूज़ एजेंसी द्वारा साझा किए गए बयान के अनुसार, पहला बड़ा तेल टैंकर स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज के दक्षिणी रास्ते से गुज़रते हुए एक समुद्री सुरंग से टकरा गया, जिससे उसमें आग लग गई। इसके कुछ समय बाद, एक दूसरा सुपरटैंकर जलमार्ग के पूर्वी हिस्से से निकलते समय आग की चपेट में आ गया। आग बुझाने में मदद के लिए भेजी गई एक टगबोट भी बाद में जलने लगी।
ड्रोन पर भी ईरानी कार्रवाई का दावा
जहाज़ों में आग लगने की घटना के अलावा, IRGC की नौसैनिक इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर यूनिट्स ने दो अमेरिकी 'लुकास' ड्रोन को अपने नियंत्रण में लेने का भी दावा किया है। ईरान का कहना है कि ये ड्रोन उसके हवाई क्षेत्र में घुस आए थे।
इससे पहले बुधवार को भी नौसैनिक यूनिट ने एक अमेरिकी ड्रोन को मार गिराने की बात कही थी। बयान में कहा गया, "IRGC ने होर्मुज स्ट्रेट में केशम द्वीप के ऊपर एक यूएस एमक्यू-1 ड्रोन को इंटरसेप्ट करके नष्ट कर दिया।" ईरान के अनुसार, यह उनके एयर डिफेंस द्वारा गिराया गया अपनी तरह का 15वां विमान है। IRGC के जनसंपर्क कार्यालय ने पुष्टि की कि ड्रोन को ट्रैक करने के बाद देश के एकीकृत एयर डिफेंस नेटवर्क के तहत काम करने वाले एक उन्नत सिस्टम से नष्ट किया गया। हालांकि, घटना के सटीक समय या इस्तेमाल की गई मिसाइल के प्रकार का खुलासा नहीं किया गया है।
अमेरिका पर वित्तीय नुकसान का आरोप
IRGC ने अपने बयान में अमेरिका पर आरोप लगाते हुए कहा कि जहाज़ों को बारूदी सुरंगों वाले रास्तों से ले जाने की उसकी ज़िद के कारण अमेरिकी करदाताओं और क्षेत्रीय सहयोगियों को भारी वित्तीय नुकसान हो रहा है। ईरान के मुताबिक, इससे बीमा का खर्च भी बढ़ रहा है।
इनपुट: IANS



