बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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जुबीन गर्ग मामला: हाईकोर्ट से ज़मानत के बाद फास्ट-ट्रैक कोर्ट में पेश हुईं सिंगर अमृतप्रभा महंत

असम के लोकप्रिय गायक जुबीन गर्ग की मौत के मामले में आरोपी सिंगर अमृतप्रभा महंत को गुवाहाटी हाईकोर्ट से ज़मानत मिलने के एक दिन बाद बुधवार को फास्ट-ट्रैक कोर्ट के समक्ष पेश किया गया। समाचार एजेंसी IANS…

जुबीन गर्ग मामला: हाईकोर्ट से ज़मानत के बाद फास्ट-ट्रैक कोर्ट में पेश हुईं सिंगर अमृतप्रभा महंत
(फोटो: IANS)

असम के लोकप्रिय गायक जुबीन गर्ग की मौत के मामले में आरोपी सिंगर अमृतप्रभा महंत को गुवाहाटी हाईकोर्ट से ज़मानत मिलने के एक दिन बाद बुधवार को फास्ट-ट्रैक कोर्ट के समक्ष पेश किया गया। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्हें मंगलवार को हाफलोंग सब-जेल से रिहा किया गया था, जिसके बाद अदालत में पेश होने का निर्देश दिया गया था।

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अमृतप्रभा इस हाई-प्रोफाइल मामले के मुख्य आरोपियों में ज़मानत पाने वाली पहली शख्स हैं। वह मामले के एक अन्य आरोपी और जुबीन के पूर्व बैंड-साथी शेखर ज्योति गोस्वामी के साथ जेल में बंद थीं। गुवाहाटी हाईकोर्ट के जस्टिस प्रांजल दास ने 9 अक्टूबर को 50 हजार रुपये के बॉन्ड और इतनी ही राशि की दो ज़मानतों पर उनकी रिहाई का आदेश दिया था।

मामले की पृष्ठभूमि और जांच

19 सितंबर 2025 को सिंगापुर के लाजरस आइलैंड के पास समुद्र में तैरते समय जुबीन गर्ग की मौत हो गई थी। वह नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल में हिस्सा लेने के लिए सिंगापुर गए थे। शुरुआती रिपोर्ट्स में उनके नशे में होने की बात कही गई थी। सिंगापुर के स्टेट कोरोनर ने 25 मार्च को उनकी मौत को दुर्घटनावश डूबने का मामला बताया था, जिसमें किसी साज़िश के सबूत नहीं मिले थे।

हालांकि, असम में व्यापक शोक और गहन जांच की मांग के बाद राज्य सरकार ने एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। असम में इस संबंध में 60 से ज़्यादा एफआईआर दर्ज की गई थीं। SIT ने दिसंबर 2025 में गुवाहाटी की एक अदालत में सात लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की, जिनमें से चार पर हत्या का आरोप लगाया गया।

कौन हैं अन्य आरोपी?

SIT द्वारा दायर चार्जशीट में कुल सात लोगों को आरोपी बनाया गया है। फेस्टिवल आयोजक श्यामकानु महंत, जुबीन के मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा, पूर्व बैंडमेट शेखर ज्योति गोस्वामी और अमृतप्रभा महंत पर हत्या के आरोप हैं। वहीं, जुबीन के रिश्तेदार संदीपन गर्ग पर गैर-इरादतन हत्या का आरोप है, जबकि उनके निजी सुरक्षा अधिकारी नंदेश्वर बोरा और प्रबीन बैश्य पर लापरवाही के आरोप तय किए गए हैं।

इस साल मई में विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट ने सभी सात आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर दिए थे, जिसके जवाब में सभी ने खुद को निर्दोष बताया था। जुबीन गर्ग के प्रशंसक और असम की जनता अब इस मामले में अदालत की कार्यवाही पर नज़र बनाए हुए है।

इनपुट: IANS

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News4Social क्राइम डेस्क

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