हिमाचल प्रदेश: सभी मेडिकल कॉलेजों में एम्स-दिल्ली जैसी डायग्नोस्टिक सुविधाएं मिलेंगी
हिमाचल प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में बड़े सुधार की तैयारी है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने घोषणा की है कि राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों को अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक सेवाओं से लैस किया जाएगा…
हिमाचल प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में बड़े सुधार की तैयारी है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने घोषणा की है कि राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों को अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक सेवाओं से लैस किया जाएगा। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इन सुविधाओं के लिए करीब 500 करोड़ रुपए की लागत से आधुनिक उपकरण लगाए जा रहे हैं। बताया गया है कि ये मशीनें इतनी उन्नत हैं कि फिलहाल केवल दिल्ली के एम्स में ही उपलब्ध हैं।
नदौन विधानसभा क्षेत्र में एक सार्वजनिक स्वास्थ्य शिविर का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इन आधुनिक तकनीकों से डायग्नोस्टिक सेवाएं मजबूत और अधिक सटीक होंगी, जिससे लोगों को सही इलाज समय पर मिल सकेगा। उन्होंने यह भी बताया कि यह सुविधा एम्स बिलासपुर या पंजाब के लुधियाना और जालंधर जैसे शहरों में भी अभी तक उपलब्ध नहीं है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े पैमाने पर भर्तियाँ
राज्य सरकार न केवल उपकरणों पर ध्यान केंद्रित कर रही है, बल्कि डॉक्टरों की कमी को भी दूर करने का प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने बताया कि 300 मेडिकल ऑफिसर, 200 स्पेशलिस्ट डॉक्टर और 150 सुपर-स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की भर्ती की प्रक्रिया जारी है। इस पहल के तहत, नदौन, कांगू, गैलोर और धनेटा के अस्पतालों में डॉक्टरों की नियुक्ति भी की गई है। इसके अलावा, राज्य के सभी 70 आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों में भी विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति की जाएगी ताकि लोगों को उनके घर के पास ही बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ मिल सकें।
शिक्षा और अन्य घोषणाएँ
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि जोलसप्पर में डॉ. राधाकृष्णन गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन जल्द ही होगा, जहाँ उत्तर भारत का अपनी तरह का पहला एलाइड हेल्थ साइंसेज संस्थान भी स्थापित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस संस्थान में इसी वर्ष से दाखिले शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, कांगू के सीनियर सेकेंडरी स्कूल को राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूल के रूप में चुना गया है, जहाँ छात्रों को आधुनिक शैक्षिक सुविधाएँ दी जाएंगी।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि आर्थिक चुनौतियों के बावजूद राज्य आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है और सरकार स्वास्थ्य तथा शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में धन की कमी नहीं होने देगी। उन्होंने स्थानीय निवासियों से स्वास्थ्य शिविरों का पूरा लाभ उठाने की अपील की और कहा कि ऐसे और भी शिविर नदौन और हमीरपुर में आयोजित किए जाएंगे।
इनपुट: IANS



