सोमवार, 2 नवम्बर 2026 · नई दिल्ली
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कैपिटल गेन टैक्स पर विदेशी निवेशकों की चिंताएं दूर करेगी सरकार? वित्त मंत्री ने दिए संकेत

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संकेत दिया है कि सरकार विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) द्वारा कैपिटल गेन टैक्स को लेकर जताई जा रही चिंताओं पर विचार करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि इस…

कैपिटल गेन टैक्स पर विदेशी निवेशकों की चिंताएं दूर करेगी सरकार? वित्त मंत्री ने दिए संकेत
(फोटो: IANS)

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संकेत दिया है कि सरकार विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) द्वारा कैपिटल गेन टैक्स को लेकर जताई जा रही चिंताओं पर विचार करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि इस मामले में सभी पहलुओं को समझने के बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, मुंबई में सोमवार को फाइनेंशियल एक्सप्रेस लीडरशिप अवार्ड्स कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने यह बात कही।

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वित्त मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि मौजूदा कर ढांचा वही है जो 2023 में था, जब भारत ने रिकॉर्ड विदेशी निवेश आकर्षित किया था। हालांकि, उन्होंने माना कि बाजार का मौजूदा माहौल बदल गया है। सीतारमण ने कहा, "2023 में भी, जब निवेश का प्रवाह रिकॉर्ड स्तर पर था, तब भी टैक्स का ढांचा वैसा ही था जैसा आज है। आज हालात बदल गए हैं। एफआईआई की निकासी हुई है और चिंताएं भी बढ़ गई हैं। मैं इन सब बातों पर विचार करूंगी।"

टाटा समूह के आंतरिक मामलों पर भी दी राय

इस कार्यक्रम में वित्त मंत्री ने टाटा समूह के भीतर चल रहे मुद्दों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने विश्वास जताया कि चेयरमैन की दोबारा नियुक्ति और टाटा संस की प्रस्तावित लिस्टिंग जैसे मतभेद आपसी बातचीत से शांतिपूर्ण तरीके से सुलझा लिए जाएंगे।

सीतारमण ने इस मामले को एक संवेदनशील मुद्दा बताते हुए कहा कि इसमें महत्वपूर्ण कारोबारी पहलू शामिल हैं और इसे सार्वजनिक बहस का विषय बनाने के बजाय संबंधित पक्षों को आपस में ही सुलझाना चाहिए। उन्होंने कहा, "इतने बड़े संस्थान के लिए लंबे समय तक सार्वजनिक विवाद चलना बिल्कुल भी ठीक नहीं है।"

'टाटा समूह भारतीय अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा'

वित्त मंत्री ने भारतीय अर्थव्यवस्था में टाटा समूह के योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने समूह की वैश्विक ब्रांड वैल्यू, इसे बनाने में पारसी समुदाय के योगदान और विभिन्न क्षेत्रों में टाटा की मौजूदगी का विशेष रूप से उल्लेख किया। निर्मला सीतारमण के शब्दों में, "मैं टाटा की ब्रांड वैल्यू और इसे एक बड़ा वैश्विक ब्रांड बनाने में पारसी समुदाय के योगदान को जानती हूं। मुझे यह भी पता है कि टाटा समूह किन-किन क्षेत्रों में सक्रिय है। इसलिए, यह भारतीय अर्थव्यवस्था का एक बहुत ही अहम हिस्सा है और इसे दोनों पक्षों को आपसी सहमति से सुलझा लेना चाहिए।"

इनपुट: IANS

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