उत्तर भारत में ठंड की आहट, लेकिन दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का 'गंभीर' संकट बरकरार
दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत में एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं, लेकिन फिलहाल वायु प्रदूषण की गंभीर स्थिति चिंता का सबब बनी हुई है। समाचार एजेंसी IANS के…
दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत में एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं, लेकिन फिलहाल वायु प्रदूषण की गंभीर स्थिति चिंता का सबब बनी हुई है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 463 के खतरनाक स्तर पर दर्ज किया गया, जो 'गंभीर' श्रेणी में आता है।
राजधानी के अलावा, एनसीआर के अन्य शहरों में भी हवा की गुणवत्ता बेहद खराब है। नोएडा में AQI 456, ग्रेटर नोएडा में 426, और गुरुग्राम समेत कई अन्य प्रमुख शहरों में यह सूचकांक 400 के पार बना हुआ है, जिससे लोगों को सांस लेने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
मौसम का पूर्वानुमान: कहाँ बारिश, कहाँ सूखा?
मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, नए पश्चिमी विक्षोभ का असर मुख्य रूप से पहाड़ी राज्यों पर देखने को मिलेगा। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के कुछ इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना है। हालांकि, दिल्ली, पंजाब और हरियाणा जैसे मैदानी इलाकों में 8 नवंबर तक मौसम के शुष्क रहने का अनुमान है और बारिश की कोई उम्मीद नहीं है।
वहीं दूसरी ओर, दक्षिण भारत में बारिश का दौर जारी रह सकता है। बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवात 'मुरासु' आंध्र प्रदेश तट को पार करने के बाद कमजोर पड़ गया है, लेकिन इसका असर अभी बाकी है। इसके अलावा, लक्षद्वीप, तटीय कर्नाटक और दक्षिणी तमिलनाडु पर एक और चक्रवाती प्रणाली सक्रिय है। इन वजहों से तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल, माहे और कराईकल में 8 नवंबर तक हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
तापमान में गिरावट और कोहरे की संभावना
आने वाले दिनों में दिल्ली-एनसीआर का मौसम मुख्य रूप से साफ रहने और हवाएं चलने की उम्मीद है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने बताया कि दिल्ली में अधिकतम तापमान 27 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच, जबकि न्यूनतम तापमान 14 से 18 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। अगले सप्ताह से तापमान में और गिरावट आने की संभावना है, जिससे ठंड बढ़ेगी और सुबह के समय कोहरा भी घना हो सकता है।
इनपुट: IANS



