शुक्रवार, 6 नवम्बर 2026 · नई दिल्ली
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पश्चिम बंगाल में शिक्षा की गुणवत्ता पर बड़ा फैसला, 275 बीएड कॉलेज 'अयोग्य' घोषित

पश्चिम बंगाल में शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरने के कारण 275 B.Ed कॉलेजों को 'अयोग्य' घोषित कर दिया गया है। इस फैसले…

पश्चिम बंगाल में शिक्षा की गुणवत्ता पर बड़ा फैसला, 275 बीएड कॉलेज 'अयोग्य' घोषित
(फोटो: IANS)

पश्चिम बंगाल में शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरने के कारण 275 B.Ed कॉलेजों को 'अयोग्य' घोषित कर दिया गया है। इस फैसले के बाद, ये संस्थान शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए अपनी मान्यता का नवीनीकरण नहीं करा पाएंगे। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, इस कार्रवाई का असर इन कॉलेजों से जुड़े हजारों छात्रों और कर्मचारियों पर पड़ सकता है।

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यह निर्णय उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा चलाए गए एक व्यापक निरीक्षण अभियान के बाद लिया गया। इस अभियान में बीएड के अलावा आईटीआई, पॉलिटेक्निक और फार्मा कॉलेजों की भी जांच की गई। राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री जगन्नाथ चट्टोपाध्याय ने कहा कि मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि शिक्षा के व्यवसायीकरण की अनुमति नहीं दी जाएगी और गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

निरीक्षण और कार्रवाई का पूरा ब्योरा

मंत्री ने बताया कि निरीक्षण के पहले चरण के बाद केवल 156 बीएड कॉलेजों को प्रवेश की अनुमति दी गई थी। वहीं, मानकों का पालन नहीं करने वाले करीब 415 कॉलेजों को अपने बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए 21 दिनों का कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। इनमें से 9 कॉलेजों ने नोटिस का कोई जवाब ही नहीं दिया।

दूसरे दौर के निरीक्षण के बाद, 237 और बीएड कॉलेजों को 2026-27 सत्र के लिए छात्रों को प्रवेश देने की अनुमति मिल गई। हालांकि, शेष 205 कॉलेज गुणवत्ता मानकों को पूरा करने में विफल रहे, जिसके चलते वहां नए छात्रों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई।

अन्य तकनीकी संस्थानों पर भी हुई कार्रवाई

B.Ed कॉलेजों के अलावा अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के संस्थानों पर भी कार्रवाई हुई है। सरकार ने 265 आईटीआई में से 14, 134 फार्मा कॉलेजों में से 38 और 74 पॉलिटेक्निक संस्थानों में से एक में प्रवेश प्रक्रिया को निलंबित कर दिया है।

फैसले पर उठी चिंताएं

सरकार के इस कदम से भविष्य को लेकर चिंताएं भी सामने आई हैं। बंगाली शिक्षक एवं शिक्षा कर्मी संघ के महासचिव स्वप्न मंडल ने कहा, "यदि राज्य में एक साथ 275 बीएड कॉलेज बंद हो जाते हैं तो यह शिक्षा क्षेत्र के लिए बड़ी समस्या बन जाएगी।" उन्होंने चेतावनी दी कि इससे न केवल इन कॉलेजों के कर्मचारियों और छात्रों का भविष्य अनिश्चित होगा, बल्कि योग्य शिक्षक अभ्यर्थियों की कमी भी पैदा हो सकती है। मंडल ने राज्य सरकार से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर समाधान निकालने की मांग की है।

इनपुट: IANS

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News4Social पश्चिम बंगाल डेस्क

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