मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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अमेरिकी मध्यावधि चुनाव: आखिरी पोल में ट्रंप और रिपब्लिकन पार्टी को झटका लगने के संकेत

अमेरिका में मध्यावधि चुनावों में अब सिर्फ़ एक हफ़्ते का समय बचा है, और मतदान से पहले आए आख़िरी जनमत सर्वेक्षण राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी रिपब्लिकन पार्टी के लिए निराशाजनक संकेत दे रहे हैं…

अमेरिकी मध्यावधि चुनाव: आखिरी पोल में ट्रंप और रिपब्लिकन पार्टी को झटका लगने के संकेत
(फोटो: IANS)

अमेरिका में मध्यावधि चुनावों में अब सिर्फ़ एक हफ़्ते का समय बचा है, और मतदान से पहले आए आख़िरी जनमत सर्वेक्षण राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी रिपब्लिकन पार्टी के लिए निराशाजनक संकेत दे रहे हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रमुख चुनाव विश्लेषकों का अनुमान है कि रिपब्लिकन पार्टी 'हाउस ऑफ़ रिप्रेजेंटेटिव्स' (प्रतिनिधि सभा) में अपना बहुमत खो सकती है।

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इन चुनावों के नतीजे ट्रंप के कार्यकाल के अगले दो सालों की दिशा तय करेंगे। अगर डेमोक्रेटिक पार्टी कांग्रेस के किसी भी एक सदन पर नियंत्रण हासिल कर लेती है, तो वे ट्रंप की नीतियों और प्रशासनिक कार्यों में बाधा डाल सकती हैं। इससे सरकार और विपक्ष के बीच एक बड़े गतिरोध की स्थिति बन सकती है, जिसमें अदालती हस्तक्षेप की भी नौबत आ सकती है। ट्रंप ने खुद अपने समर्थकों को चेताया है कि डेमोक्रेट्स के नियंत्रण वाले 'हाउस' द्वारा उन पर पहले की तरह दोबारा महाभियोग चलाया जा सकता है।

आर्थिक मुद्दे और मतदाताओं की नाराज़गी

जनमत सर्वेक्षणों से पता चलता है कि टैरिफ़ वॉर और ईरान के साथ संघर्ष जैसे मुद्दों की वजह से अमेरिकी मतदाताओं को हुए आर्थिक नुकसान का असर चुनाव पर पड़ सकता है। 'रियलक्लियर पॉलिटिक्स' (आरसीपी) के आँकड़ों के अनुसार, 57 प्रतिशत लोगों का मानना है कि ट्रंप की नीतियों से उनकी आर्थिक स्थिति और ख़राब हुई है।

पिछले महीने महँगाई दर 3.7% थी, जबकि अगस्त में यह 3.4% थी। पेट्रोलियम, विशेषकर डीज़ल की बढ़ती क़ीमतों ने आम लोगों पर गहरा असर डाला है। वर्तमान में पेट्रोल की औसत क़ीमत 4.28 डॉलर प्रति गैलन और डीज़ल की 6.28 डॉलर प्रति गैलन है, जबकि 2024 के चुनाव प्रचार में ट्रंप ने इसे 2 डॉलर प्रति गैलन तक लाने का वादा किया था।

प्रतिनिधि सभा और सीनेट का गणित

हाउस ऑफ़ रिप्रेजेंटेटिव्स: 435 सदस्यों वाले सदन में आरसीपी के अनुसार, डेमोक्रेट्स को 227 सीटों के साथ बहुमत मिल सकता है, जबकि 25 सीटें अनिश्चित (टॉस-अप) हैं। 'कुक पॉलिटिकल रिपोर्ट' ने डेमोक्रेट्स को 220 सीटें मिलने का अनुमान लगाया है, जिसमें 17 सीटें अनिश्चित हैं। वहीं, सीबीएस न्यूज़ का आकलन है कि डेमोक्रेट्स को 229 और रिपब्लिकन्स को 206 सीटें मिल सकती हैं।

सीनेट: 100 सीटों वाली सीनेट में स्थिति अभी भी अनिश्चित बनी हुई है। इस साल केवल 35 सीटों पर चुनाव हो रहे हैं, क्योंकि सीनेटरों का कार्यकाल छह साल का होता है और हर दो साल में लगभग एक-तिहाई सीटों पर ही मतदान होता है।

ट्रंप की चुनावी रणनीति और घटती लोकप्रियता

सर्वेक्षणों के अनुसार, केवल 38.2% संभावित मतदाता ही ट्रंप के कामकाज से संतुष्ट हैं, जबकि 60.2% असंतुष्ट हैं। अपनी घटती लोकप्रियता के बीच कई रिपब्लिकन नेता अब ट्रंप से दूरी बना रहे हैं। उदाहरण के तौर पर, न्यू हैम्पशायर से रिपब्लिकन सीनेट उम्मीदवार जॉन सुनुनु ने कहा है कि जब राष्ट्रपति की नीतियां उनके राज्य के लिए खराब होंगी, तो वह उनका विरोध करेंगे।

ट्रंप ने इन चुनावों को अपने प्रशासन के शुरुआती 20 महीनों पर 'जनमत संग्रह' बताया है। वह अपना प्रचार उन 'रेड स्टेट्स' (रिपब्लिकन-समर्थक राज्यों) पर केंद्रित कर रहे हैं, जहाँ उन्हें राष्ट्रपति चुनाव में जीत मिली थी। इस बीच, मतदान की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है। सोमवार तक लगभग 30 मिलियन नागरिक डाक मतपत्र या मतदान केंद्रों के माध्यम से अपना वोट डाल चुके थे। अमेरिका में कुल 217 मिलियन पंजीकृत मतदाता हैं।

इनपुट: IANS

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News4Social इंटरनेशनल डेस्क

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