इजरायल में नई संसद के लिए मतदान: शांति, लोकतंत्र और बेहतर भविष्य की उम्मीद में वोट डाल रहे नागरिक
इजरायल में मंगलवार को 26वीं नेसेट (संसद) के लिए चुनाव हुए, जिसमें मतदाताओं ने देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपना भरोसा जताते हुए बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार…
इजरायल में मंगलवार को 26वीं नेसेट (संसद) के लिए चुनाव हुए, जिसमें मतदाताओं ने देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपना भरोसा जताते हुए बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, वोट डालने पहुंचे कई नागरिकों ने युद्ध के बजाय शांति की स्थापना को अपनी सबसे बड़ी उम्मीद बताया। यह चुनाव 7 अक्टूबर, 2023 को हमास के हमले के बाद देश का पहला चुनावी मुकाबला है, जिसे भविष्य की राजनीति की दिशा तय करने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मतदान के दौरान प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी अपनी पत्नी सारा नेतन्याहू के साथ यरुशलम के एक केंद्र पर अपना वोट डाला और सभी नागरिकों से अपने मताधिकार का प्रयोग करने की अपील की।
मतदाताओं की क्या हैं उम्मीदें?
मतदान केंद्रों पर मतदाताओं ने अलग-अलग मुद्दों पर अपनी राय रखी। IANS से बातचीत में एक स्थानीय निवासी ने कहा, "वे युद्ध बिल्कुल नहीं चाहते और इजरायल के साथ-साथ पूरी दुनिया में शांति चाहते हैं।" उन्होंने इजरायल को एक अच्छा लोकतांत्रिक देश बताते हुए कहा कि यहां तानाशाही नहीं है। वहीं, एक अन्य युवती ने देश की ताकत पर विश्वास जताते हुए कहा, "उनका देश बहुत मजबूत है और उसे किसी की मदद की जरूरत नहीं है।" उन्होंने उम्मीद जताई कि उनके चुने हुए प्रतिनिधि देश का भविष्य बेहतर बनाएंगे।
कई नागरिकों ने लोकतंत्र में मतदान के महत्व पर जोर दिया। एक व्यक्ति ने कहा कि 18 साल से अधिक उम्र के सभी लोगों को वोट देना चाहिए। एक अन्य मतदाता ने इस चुनाव को इजरायल के इतिहास का "सबसे महत्वपूर्ण चुनाव" करार दिया, जिसका देश के भविष्य के लिए विशेष महत्व है।
चुनाव आयोग की व्यापक तैयारी
इजरायल के केंद्रीय चुनाव आयोग ने इस चुनाव के लिए बड़े पैमाने पर इंतजाम किए हैं। आयोग के महानिदेशक डीन लिवने ने बताया कि देशभर में लगभग 73 लाख पंजीकृत मतदाताओं के लिए 12,018 नियमित मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा, अस्पतालों, जेलों और सैन्य ठिकानों जैसे विशेष स्थानों पर 300 अतिरिक्त मतदान केंद्र भी बनाए गए हैं।
लिवने के अनुसार, चुनाव के लिए 45 करोड़ मतपत्र छापे गए हैं और इसका कुल बजट लगभग 70 करोड़ नई इजरायली शेकेल (15 करोड़ डॉलर से कुछ कम) है। उन्होंने तैयारियों को व्यापक बताते हुए इसे शानदार तरीके से संपन्न कराने का भरोसा दिलाया।
इनपुट: IANS



