मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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इजरायल में 'नेसेट' के लिए मतदान जारी, नेतन्याहू और विपक्ष के बीच कांटे की टक्कर के आसार

इजरायल में आज संसद 'नेसेट' के सदस्यों को चुनने के लिए मतदान हो रहा है, जिसमें करीब 73 लाख नागरिक अपने मताधिकार का प्रयोग करने के योग्य हैं। यह चुनाव 7 अक्टूबर, 2023 को हुए हमास के आतंकी हमले के बाद…

इजरायल में 'नेसेट' के लिए मतदान जारी, नेतन्याहू और विपक्ष के बीच कांटे की टक्कर के आसार
(फोटो: IANS)

इजरायल में आज संसद 'नेसेट' के सदस्यों को चुनने के लिए मतदान हो रहा है, जिसमें करीब 73 लाख नागरिक अपने मताधिकार का प्रयोग करने के योग्य हैं। यह चुनाव 7 अक्टूबर, 2023 को हुए हमास के आतंकी हमले के बाद देश का पहला आम चुनाव है, जिसने राजनीतिक समीकरणों को काफी हद तक बदल दिया है।

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समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, चुनाव से ठीक पहले आए ओपिनियन पोल में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के गुट और विपक्षी खेमे के बीच बेहद कड़े मुकाबले की भविष्यवाणी की गई है। विपक्षी गुट का नेतृत्व इजरायल डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) के पूर्व प्रमुख गादी आइसेनकोट की 'यशार' पार्टी कर रही है।

नतीजों पर अनिश्चितता और गतिरोध की आशंका

विश्लेषकों का मानना है कि अगर दोनों पक्ष अपने चुनावी वादों पर टिके रहते हैं, तो किसी भी गठबंधन को संसद में स्पष्ट बहुमत मिलना मुश्किल हो सकता है। 'द टाइम्स ऑफ इजरायल' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस स्थिति में देश में एक बार फिर राजनीतिक गतिरोध पैदा हो सकता है। आईडीएफ के पूर्व मेजर एरियल एवरबुच ने भी IANS से बातचीत में ऐसी ही चिंता जताते हुए कहा, "मुझे डर है कि कल मुकाबला टाई हो सकता है, जिससे हमें एक और चुनाव का सामना करना पड़ सकता है।" हालांकि, उन्होंने यह भी अनुमान लगाया कि अंत में नेतन्याहू के नेतृत्व वाला दक्षिणपंथी गुट जीत सकता है।

प्रमुख हस्तियों ने डाला वोट

मंगलवार को मतदान के दौरान राष्ट्रपति इसाक हर्जोग और उनकी पत्नी मिशाल हर्जोग ने अपना वोट डाला। उनके अलावा, देश के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-गवीर समेत कई प्रमुख राजनीतिक हस्तियों ने भी मतदान किया। स्थानीय समयानुसार रात 10 बजे मतदान समाप्त होने के बाद एग्जिट पोल जारी होने की उम्मीद है, जिससे नतीजों की पहली झलक मिल सकती है। आधिकारिक परिणाम वोटों की गिनती पूरी होने के बाद अगले कुछ दिनों में घोषित किए जाएंगे।

मतदाताओं की राय

मतदान को लेकर आम नागरिकों में भी काफी गहमागहमी है। एक नागरिक ने कहा, "हर किसी को बाहर निकलकर वोट देना चाहिए। 18 साल से ऊपर के सभी को आना चाहिए, अपनी बात रखनी चाहिए और अपना वोट डालना चाहिए।" एक अन्य मतदाता ने इस चुनाव को "इजरायल के इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण चुनाव" बताया। वहीं, पूर्व मेजर एवरबुच ने नेतन्याहू के सुरक्षा संबंधी फैसलों की प्रशंसा करते हुए कहा कि हमास, हिजबुल्लाह, ईरान और हूती विद्रोहियों के खिलाफ उनके कड़े रुख को जनता का समर्थन हासिल है। उन्होंने कहा कि 7 अक्टूबर के हमले के बाद युद्ध के दौरान "नेतन्याहू का रवैया बहुत सराहनीय रहा है।"

इनपुट: IANS

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