कृष्णा जल विवाद: पानी की भारी कमी के बीच आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री नायडू से मिलेंगे तमिलनाडु के सीएम विजय
तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के बीच कृष्णा नदी के जल बंटवारे को लेकर लंबे समय से चल रहा विवाद एक बार फिर चर्चा में है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय 13 अक्टूबर को विजयवाड़ा में आंध्र प्रदेश के…
तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के बीच कृष्णा नदी के जल बंटवारे को लेकर लंबे समय से चल रहा विवाद एक बार फिर चर्चा में है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय 13 अक्टूबर को विजयवाड़ा में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू से मुलाकात कर सकते हैं। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस बैठक का मुख्य एजेंडा तेलुगु गंगा परियोजना के तहत तमिलनाडु को मिलने वाले पानी की भारी कमी और आंध्र प्रदेश द्वारा प्रस्तावित बांधों पर चर्चा करना होगा।
दोनों राज्यों के बीच हुए समझौते के मुताबिक, आंध्र प्रदेश को हर साल अंतरराज्यीय सीमा पर 12 हजार मिलियन घन फीट (टीएमसी) कृष्णा नदी का पानी तमिलनाडु को देना होता है। हालांकि, इस साल 9 अक्टूबर तक तमिलनाडु को केवल 2.251 टीएमसी पानी ही मिल पाया है, जो तय कोटे का पांचवां हिस्सा भी नहीं है। यह लगभग 9.749 टीएमसी पानी की कमी दर्शाता है, जो आगामी बैठक में बातचीत का एक अहम केंद्र बिंदु होगा।
जल आपूर्ति और बांध निर्माण पर होगी चर्चा
मुख्यमंत्री विजय की इस यात्रा का उद्देश्य जल निकासी की स्थिति की समीक्षा करना और साल के बाकी समय के लिए तमिलनाडु की जरूरतों पर चर्चा करना है। कृष्णा नदी के पानी की आपूर्ति के अलावा, विजय आंध्र प्रदेश द्वारा तमिलनाडु की ओर बहने वाली नदियों पर बांध बनाने की योजना का मुद्दा भी उठा सकते हैं। इन प्रस्तावित परियोजनाओं से निचले राज्यों में पानी के बहाव पर पड़ने वाले असर को लेकर तमिलनाडु अपनी चिंताएं जाहिर करेगा।
इन अहम मुद्दों के साथ-साथ नदी अंतर्संबंध (river interlinking) परियोजनाओं पर भी विचार-विमर्श होने की उम्मीद है। इन वार्ताओं के माध्यम से दोनों राज्य मौजूदा जल-बंटवारे की व्यवस्थाओं और आपसी नदियों से जुड़ी भविष्य की योजनाओं पर एकराय बनाने की कोशिश करेंगे।
अन्य मंत्रियों से भी हो सकती है मुलाकात
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अपनी विजयवाड़ा यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री विजय आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण और अन्य मंत्रियों से भी मुलाकात कर सकते हैं। इन बैठकों का फोकस भी दोनों राज्यों के बीच जल संबंधी मुद्दों पर ही केंद्रित रहने की संभावना है। 13 अक्टूबर को होने वाली यह उच्च-स्तरीय वार्ता इस बात पर जोर देगी कि दोनों राज्य प्रत्यक्ष संवाद के माध्यम से तमिलनाडु की जल संबंधी चिंताओं का समाधान कैसे निकाल सकते हैं।
इनपुट: IANS



