तमिलनाडु: डेंगू और मानसून की दोहरी चुनौती, मुख्यमंत्री ने 10 जिलों के लिए जारी किए कड़े निर्देश
तमिलनाडु में कुछ जगहों पर डेंगू और अन्य बुखार के मामले बढ़ने के साथ ही पूर्वोत्तर मानसून की दस्तक भी करीब है। इस दोहरी चुनौती से निपटने के लिए मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने 10 जिलों के प्रशासन को…
तमिलनाडु में कुछ जगहों पर डेंगू और अन्य बुखार के मामले बढ़ने के साथ ही पूर्वोत्तर मानसून की दस्तक भी करीब है। इस दोहरी चुनौती से निपटने के लिए मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने 10 जिलों के प्रशासन को रोकथाम के उपाय तेज करने और आपदा प्रबंधन की तैयारियों को पुख्ता करने के सख्त निर्देश दिए हैं। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने मंगलवार को सचिवालय में लगातार दूसरे दिन एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह आदेश जारी किया।
इस उच्च-स्तरीय बैठक में कोयंबटूर, डिंडीगुल, इरोड, करूर, मदुरै, नीलगिरी, शिवगंगा, तेनकासी, थेनी और विरुधुनगर जिलों में बरती जा रही सावधानियों और तैयारियों का जायजा लिया गया।
भूस्खलन संभावित क्षेत्रों पर विशेष नजर
मुख्यमंत्री ने जिला कलेक्टरों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों की कमजोरियों का आकलन कर स्थानीय जरूरतों के हिसाब से योजनाएं बनाएं। उन्होंने कहा कि नीलगिरी, कोयंबटूर, डिंडीगुल और थेनी जैसे पहाड़ी जिलों पर खास ध्यान देने की जरूरत है, जहाँ भारी बारिश के कारण भूस्खलन, मिट्टी खिसकने और सड़कें बंद होने का खतरा रहता है।
कलेक्टरों को भूस्खलन की आशंका वाली ढलानों और अन्य खतरनाक जगहों की लगातार निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया है। अधिकारियों को मिट्टी में दरारें पड़ने, ढलानों के खिसकने या असामान्य जल रिसाव जैसे चेतावनी संकेतों पर तुरंत कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। मुख्यमंत्री ने भूस्खलन रोकने और ढलानों को स्थिर करने वाली परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने का भी आदेश दिया, जिसमें कोडाईकनाल में चल रहे 'सॉइल नेलिंग' कार्य का विशेष उल्लेख किया गया।
डेंगू रोकथाम और स्वास्थ्य सेवाएं
बैठक में डेंगू और मौसमी बुखार को नियंत्रित करने के उपायों की भी समीक्षा की गई। जिला कलेक्टरों से मच्छर नियंत्रण अभियान को मजबूत करने, उनके पनपने के स्रोतों को खत्म करने और स्वास्थ्य व स्थानीय प्रशासन विभागों के साथ मिलकर काम करने को कहा गया है। अधिकारियों को बुखार के मामलों पर नजर रखने, अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त दवाएं, जांच सुविधाएं, बिस्तर और चिकित्साकर्मी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, मच्छरों की रोकथाम और समय पर इलाज के लिए जन जागरूकता अभियान तेज करने पर भी जोर दिया गया।
आपदा प्रबंधन और समन्वय
मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि मानसून के दौरान सड़कों को खुला रखने के लिए गिरे हुए पेड़ों और मलबे को हटाने के लिए जरूरी मशीनरी और प्रशिक्षित कर्मियों को पहले से ही तैनात किया जाना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लोगों की सुरक्षा और जान-माल के नुकसान को रोकने के लिए जिला प्रशासन, स्वास्थ्य अधिकारियों, नगर निगमों, पुलिस और आपदा-प्रतिक्रिया एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय अनिवार्य है।
इनपुट: IANS



