मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
दुनिया

वीजा धोखाधड़ी पर शिकंजा कसेंगे, अमेरिकी नौकरियां अमेरिकियों के लिए: उपराष्ट्रपति जेडी वेंस

अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने उन कंपनियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का संकल्प लिया है जो अमेरिकी कर्मचारियों को हटाकर उनकी जगह कम वेतन वाले विदेशी कामगारों को नियुक्त करती हैं। समाचार एजेंसी IANS…

वीजा धोखाधड़ी पर शिकंजा कसेंगे, अमेरिकी नौकरियां अमेरिकियों के लिए: उपराष्ट्रपति जेडी वेंस
(फोटो: IANS)

अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने उन कंपनियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का संकल्प लिया है जो अमेरिकी कर्मचारियों को हटाकर उनकी जगह कम वेतन वाले विदेशी कामगारों को नियुक्त करती हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, वेंस ने वीजा धोखाधड़ी पर भी लगाम कसने का वादा किया। यह बयान उन्होंने 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनाव से पहले कंसास के टोपेका में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए दिया।

विज्ञापन

रिपब्लिकन उम्मीदवारों के लिए प्रचार करते हुए वेंस ने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार का मुख्य उद्देश्य अमेरिकी नागरिकों के हितों की रक्षा करना और उनके लिए रोजगार के अवसरों को प्राथमिकता देना है। उन्होंने कहा, “हम वीजा धोखाधड़ी पर लगाम लगाएंगे और ऐसी किसी भी कंपनी के खिलाफ कार्रवाई करेंगे जो किसी अमेरिकी कर्मचारी को नौकरी से निकालकर उसकी जगह कम वेतन वाले विदेशी कर्मचारी को रखती है।” वेंस ने संप्रभुता को परिभाषित करते हुए कहा, "संप्रभुता का अर्थ है कि अमेरिकी नौकरियां अमेरिकी नागरिकों को मिलें और देश के नागरिकों का अपने शासन तथा सड़कों पर नियंत्रण हो।"

H-1B वीजा और भारतीय पेशेवर

हालांकि उपराष्ट्रपति ने किसी विशेष वीजा कार्यक्रम का नाम नहीं लिया, लेकिन उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब ट्रंप प्रशासन की कुशल विदेशी कर्मचारियों से जुड़ी वीजा नीतियों को अदालतों में चुनौती दी जा रही है। यह मामला भारतीय पेशेवरों के लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि वे H-1B वीजा पाने वाले सबसे बड़े समूहों में से एक हैं। यह वीजा अमेरिकी कंपनियों को विशेष कौशल वाले विदेशी पेशेवरों को नौकरी पर रखने की अनुमति देता है। उल्लेखनीय है कि ट्रंप प्रशासन द्वारा नए H-1B वीजा आवेदनों पर एक लाख डॉलर का शुल्क लगाने के फैसले पर दो संघीय अदालतें रोक लगा चुकी हैं।

आर्थिक और घरेलू नीतियां

अपनी सरकार की नीतियों पर प्रकाश डालते हुए वेंस ने कहा कि उनका राजनीतिक आंदोलन हमेशा अमेरिकी संप्रभुता और नागरिकों को प्राथमिकता देने पर आधारित रहा है। उन्होंने विदेशी निवेश पर भी सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि सरकार वॉल स्ट्रीट और विदेशी निवेशकों को अमेरिकी घर खरीदने से रोकने के लिए कदम उठाएगी। उन्होंने कंसास में निवेश का भी जिक्र किया, जिसमें अमेरिकी कृषि विभाग द्वारा राज्य के दस मांस प्रसंस्करण केंद्रों के लिए नए अनुदान और बॉम्बार्डियर कंपनी द्वारा विनिर्माण गतिविधियों के विस्तार की घोषणा शामिल है।

अन्य मुद्दे और राजनीतिक बयानबाजी

रैली में वेंस के अलावा अन्य रिपब्लिकन नेताओं ने भी अपनी बात रखी। कंसास के सीनेटर रोजर मार्शल, जिनके समर्थन में वेंस प्रचार कर रहे थे, ने कहा, "कट्टरपंथी इस्लाम, अमेरिकी लोकतंत्र और आजादी के लिए सबसे बड़ा और तत्काल खतरा है।" रैली में मौजूद अटॉर्नी जनरल क्रिस कोबाख ने बताया कि उन्होंने कंसास के बच्चों से जुड़े एक मामले में मेटा के खिलाफ 13.4 करोड़ डॉलर की जीत हासिल की है। वेंस ने अपने भाषण के अंत में लोगों से 3 नवंबर को मतदान करने की अपील की।

इनपुट: IANS

N

News4Social इंटरनेशनल डेस्क

News4Social इंटरनेशनल डेस्क — IANS समेत लाइसेंस-प्राप्त समाचार एजेंसियों की फीड से अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम से जुड़ी ताज़ा व प्रामाणिक खबरें संपादकीय समीक्षा के बाद प्रकाशित करता है। हर खबर उसके स्रोत के श्रेय (credit) के साथ दी जाती है। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →