भारत-अमेरिका व्यापार को मिलेगी नई रफ़्तार? रूस से तेल खरीदने पर अमेरिकी टैरिफ छूट से भारतीय निर्यातकों ने ली राहत की सांस
अमेरिका और भारत के बीच व्यापार को लेकर एक बड़ी सकारात्मक ख़बर सामने आई है। अमेरिका ने रूस से तेल और गैस खरीदने वाले प्रमुख देशों को अपने कुछ कड़े टैरिफ और प्रतिबंधों से छूट देने का फैसला किया है…
अमेरिका और भारत के बीच व्यापार को लेकर एक बड़ी सकारात्मक ख़बर सामने आई है। अमेरिका ने रूस से तेल और गैस खरीदने वाले प्रमुख देशों को अपने कुछ कड़े टैरिफ और प्रतिबंधों से छूट देने का फैसला किया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस कदम से भारतीय निर्यातकों को बड़ी राहत मिली है, क्योंकि इससे उन पर 100% तक अतिरिक्त शुल्क लगने का खतरा फिलहाल टल गया है।
यह फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा हस्ताक्षरित एक कार्यकारी आदेश का हिस्सा है। इस छूट से कारोबारियों के बीच फैली अनिश्चितता कम हुई है, जिससे व्यापारिक विश्वास के बहाल होने की उम्मीद है। अब भारतीय कंपनियाँ बिना किसी तत्काल चिंता के अपने शिपमेंट की योजना बना सकती हैं, नए अनुबंधों पर बातचीत कर सकती हैं और निवेश से जुड़े फैसले ले सकती हैं। माना जा रहा है कि यह कदम भारत और अमेरिका के बीच 2030 तक 500 अरब डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार लक्ष्य को हासिल करने में मददगार साबित हो सकता है।
निर्यातकों के लिए क्या हैं मायने?
अमेरिका भारत के सामानों के लिए सबसे बड़ा बाज़ार है, जहाँ इंजीनियरिंग उत्पाद, फार्मास्यूटिकल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और औद्योगिक मशीनरी जैसे कई महत्वपूर्ण सेक्टर अपना माल भेजते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी आयातक अब भारतीय कंपनियों से माल खरीदने के विकल्पों पर बिना किसी अतिरिक्त दबाव के विचार कर सकते हैं। इससे दोनों देशों के कारोबारियों को लगातार बदलती नीतियों की चिंता करने के बजाय व्यापार के अवसरों पर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलेगी।
हालांकि, इस छूट से टैरिफ से जुड़ी सभी चुनौतियाँ खत्म नहीं होती हैं, लेकिन यह व्यापारिक तनाव को और बढ़ने से रोकने में एक महत्वपूर्ण कदम है।
आंकड़ों में भारत-अमेरिका व्यापार
टैरिफ संबंधी उपायों के बावजूद अमेरिका को भारतीय निर्यात लगातार बढ़ रहा है।
- वित्त वर्ष 2024-25: अमेरिका को भारत का वस्तुओं का निर्यात लगभग 86.5 अरब डॉलर था।
- वित्त वर्ष 2025-26: यह आंकड़ा करीब 0.9% बढ़कर 87.3 अरब डॉलर हो गया।
- मासिक वृद्धि: सितंबर 2026 में अमेरिका को भारत का निर्यात 8.02 अरब डॉलर रहा, जो पिछले साल सितंबर 2025 के 5.42 अरब डॉलर की तुलना में 48% ज़्यादा है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि ऊर्जा, विनिर्माण, प्रौद्योगिकी और निवेश जैसे क्षेत्रों में बेहतर तालमेल से दोनों देश साझा हितों को साध सकते हैं और भविष्य में किसी भी व्यापारिक रुकावट के जोखिम को कम कर सकते हैं।
इनपुट: IANS



