कर्नाटक: स्टिंग ऑपरेशन विवाद में कुमारस्वामी की ED जांच की मांग, 15 करोड़ से ज़्यादा के लेन-देन का दावा
केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने कर्नाटक में पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया को निशाना बनाकर किए गए एक स्टिंग ऑपरेशन से जुड़े वित्तीय लेन-देन की गहन जांच की मांग की है। समाचार एजेंसी IANS के…
केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने कर्नाटक में पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया को निशाना बनाकर किए गए एक स्टिंग ऑपरेशन से जुड़े वित्तीय लेन-देन की गहन जांच की मांग की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, उन्होंने इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आयकर विभाग से हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है, क्योंकि उनका मानना है कि इसमें 15 करोड़ रुपये से भी ज़्यादा की रकम शामिल है।
शुक्रवार को रामनगर जिले के बिदादी में मीडिया से बात करते हुए कुमारस्वामी ने कहा कि यह स्टिंग ऑपरेशन राज्य में एक बड़ा राजनीतिक विवाद बन चुका है। उन्होंने विपक्ष के नेता आर. अशोक के उस बयान का हवाला दिया जिसमें इस ऑपरेशन पर 10 से 15 करोड़ रुपये खर्च होने की बात कही गई थी। कुमारस्वामी ने कहा, "अगर सब कुछ सामने आ गया तो हमारे राज्य की गरिमा और प्रतिष्ठा पूरी तरह खत्म हो जाएगी। अगर ईडी इसमें दखल देती है, तो सच सामने आ जाएगा।"
रोज़गार पर नया प्रस्ताव और KPSC पर आरोप
इसी दौरान, कुमारस्वामी ने राज्य में बढ़ती बेरोजगारी पर चिंता जताते हुए सरकारी नौकरियों को लेकर एक नया विचार भी सामने रखा। कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) की भर्तियों में कथित अनियमितताओं पर उम्मीदवारों से चर्चा करते हुए उन्होंने सुझाव दिया कि सरकारी कर्मचारियों का कार्यकाल 35 साल से घटाकर 10, 15 या 20 साल कर दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि इस कदम से ज़्यादा युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे और छोटे कार्यकाल के बाद सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को पेंशन व अन्य लाभ मिलते रहने चाहिए। उन्होंने कहा, "अगर आने वाले दिनों में मुझे मौका मिलता है तो मैं इस योजना को लागू करना चाहूंगा।" कुमारस्वामी ने यह भी आरोप लगाया कि KPSC भ्रष्टाचार का केंद्र बन गया है, जहां पैसों के बदले नौकरियां बेची जा रही हैं और आयोग के अध्यक्ष से लेकर अधिकारी तक इसमें शामिल हैं।
इनपुट: IANS



