कर्नाटक 'स्टिंग ऑपरेशन' विवाद: कुमारस्वामी ने सिद्दारमैया सरकार पर जांच में ढिलाई का आरोप लगाया
केंद्रीय मंत्री और जेडीएस नेता एचडी कुमारस्वामी ने कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर एक कथित 'स्टिंग ऑपरेशन' मामले की जांच को गंभीरता से नहीं लेने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि यह स्टिंग…
केंद्रीय मंत्री और जेडीएस नेता एचडी कुमारस्वामी ने कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर एक कथित 'स्टिंग ऑपरेशन' मामले की जांच को गंभीरता से नहीं लेने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि यह स्टिंग मुख्यमंत्री सिद्दारमैया की छवि खराब करने के उद्देश्य से किया गया था, लेकिन सरकार आरोपियों के साथ नरमी बरत रही है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, कुमारस्वामी ने शुक्रवार को बेंगलुरु में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ये बातें कहीं।
कुमारस्वामी ने कहा कि इस मामले में एक मीडियाकर्मी शामिल है, जिसकी उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार तक आसान पहुंच है। उन्होंने आरोप लगाया, "मेरे पास जो जानकारी है, उसके मुताबिक वह व्यक्ति परसों मैसूर के रेडिसन होटल में ठहरा हुआ था और उसे वहां से लाया गया। कल उसे सिर्फ औपचारिकता के तौर पर समन जारी किया गया।"
जांच और बैठकों पर उठाए सवाल
केंद्रीय मंत्री ने दिल्ली में उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल की मुलाकात पर भी सवाल खड़े किए। शिवकुमार ने कहा था कि जेडीएस इस मुद्दे का राजनीतिकरण कर रही है, जिसके जवाब में कुमारस्वामी ने कहा कि शिवकुमार ने बेशक कर्नाटक के हित में केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात की, लेकिन उन्होंने इस विवाद पर कांग्रेस आलाकमान से भी चर्चा की है।
कुमारस्वामी ने इस बात पर भी हैरानी जताई कि गृह मंत्री प्रियांक खड़गे का उसी समय वेणुगोपाल के घर पर होना महज़ 'संयोग' कैसे हो सकता है। उन्होंने जांच का नेतृत्व कर रहे वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अजय हिलोरी के नाम का भी उल्लेख किया और आईएमए पोंजी स्कीम मामले में उनके कथित संबंध की ओर इशारा किया।
'सरकार ने मदद की तो चुप नहीं बैठेंगे'
एचडी कुमारस्वामी ने चेतावनी दी कि यदि सरकार आरोपी को अग्रिम जमानत हासिल करने में मदद करती है तो जेडीएस चुप नहीं बैठेगी। उन्होंने कहा, "मैं सरकार को चेतावनी दे रहा हूं। अगर वह चुप रही और उसकी अग्रिम जमानत याचिका में उसे जमानत दिलाने में मदद करती है तो हम चुप नहीं बैठेंगे।"
कुमारस्वामी ने उन आरोपों को भी खारिज कर दिया कि यह स्टिंग जेडीएस की साजिश है। उन्होंने सिद्दारमैया का बचाव करते हुए कहा, "कांग्रेस पार्टी में सिद्दारमैया के अलावा इतना बड़ा नेता और कौन है? ...आप उनकी वजह से बचे हुए हैं।" उन्होंने स्पष्ट किया कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के बावजूद, इस मामले को राजनीतिक पैंतरेबाजी कहकर खारिज नहीं किया जाना चाहिए और इसकी गंभीर जांच होनी चाहिए।
इनपुट: IANS



