सोमवार, 2 नवम्बर 2026 · नई दिल्ली
राजनीति

कुमारस्वामी का बेंगलुरु पुलिस कमिश्नर पर पलटवार: 'स्टिंग ऑपरेशन मामले में जनता को गुमराह किया जा रहा'

केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने बेंगलुरु के पुलिस आयुक्त पर पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से जुड़े एक कथित स्टिंग ऑपरेशन मामले में चुनिंदा जानकारी सार्वजनिक कर लोगों को गुमराह करने का गंभीर…

कुमारस्वामी का बेंगलुरु पुलिस कमिश्नर पर पलटवार: 'स्टिंग ऑपरेशन मामले में जनता को गुमराह किया जा रहा'
(फोटो: IANS)

केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने बेंगलुरु के पुलिस आयुक्त पर पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से जुड़े एक कथित स्टिंग ऑपरेशन मामले में चुनिंदा जानकारी सार्वजनिक कर लोगों को गुमराह करने का गंभीर आरोप लगाया है। सोमवार को उन्होंने पुलिस की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि जांच के नाम पर जनता में भ्रम पैदा किया जा रहा है।

विज्ञापन

समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, कुमारस्वामी की यह प्रतिक्रिया बेंगलुरु के पुलिस आयुक्त सीमांत कुमार सिंह के उस बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि जांच में मिले साक्ष्यों से संकेत मिलता है कि कथित स्टिंग ऑपरेशन से जुड़ा एक मोबाइल फोन केंद्रीय मंत्री के आवास पर बदला गया था।

जांच के तरीके पर उठाए सवाल

जेडी(एस) मुख्यालय में मीडिया से बात करते हुए कुमारस्वामी ने रविवार को छुट्टी के दिन पुलिस आयुक्त द्वारा जल्दबाजी में प्रेस कॉन्फ्रेंस करने पर सवाल खड़ा किया। उन्होंने कहा, “पुलिस आयुक्त को इतनी जल्दी प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की क्या जरूरत थी? उन्होंने मीडिया में कई जानकारियां साझा कीं, खासकर मेरे दिल्ली स्थित आवास का जिक्र किया।” उन्होंने कहा कि कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) के आधार पर किसी व्यक्ति की उनके आवास के पास मौजूदगी बताकर मामले को उनसे जोड़ा जा रहा है, जो कि अनुचित है।

प्रज्वल रेवन्ना मामले का दिया हवाला

कुमारस्वामी ने पुलिस की जांच पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए प्रज्वल रेवन्ना से जुड़े एक पुराने वीडियो विवाद का मुद्दा उठाया। उन्होंने सवाल किया कि उस मामले में मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और उनके भाई डी.के. सुरेश की कथित भूमिका की जांच क्यों नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा, “यदि सीडीआर के आधार पर मेरा नाम लिया जा सकता है, तो अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।” कुमारस्वामी ने 5 और 6 अगस्त 2023 की तारीखों का जिक्र करते हुए पूछा कि क्या जांच अधिकारियों ने पता लगाया कि उस दौरान वीडियो बनाने वाला कार्तिक कहां था और क्या वह शिवकुमार के आवास पर मौजूद था?

अन्य आरोप और राजनीतिक टकराव

केंद्रीय मंत्री ने एक कन्नड़ समाचार चैनल पर सीसीबी की छापेमारी को भी खारिज कर दिया और इसे जनता में यह संदेश देने की कोशिश बताया कि जांच में उनका नाम आने के कारण यह कार्रवाई हुई है। राज्य के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे के आरोपों का जवाब देते हुए कुमारस्वामी ने कहा कि उन्हें राज्य सरकार का मुकाबला करने के लिए प्रधानमंत्री या गृह मंत्री से किसी संरक्षण की आवश्यकता नहीं है। इसके उलट, उन्होंने प्रियांक खड़गे पर कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) भर्ती में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाया और उनकी भूमिका की भी जांच की मांग की। इन आरोपों और प्रत्यारोपों से राज्य में कांग्रेस और जेडी(एस) के बीच राजनीतिक टकराव और गहरा गया है।

इनपुट: IANS

N

News4Social राजनीति डेस्क

News4Social राजनीति डेस्क — IANS समेत लाइसेंस-प्राप्त समाचार एजेंसियों की फीड से राजनीति और चुनाव से जुड़ी ताज़ा व प्रामाणिक खबरें संपादकीय समीक्षा के बाद प्रकाशित करता है। हर खबर उसके स्रोत के श्रेय (credit) के साथ दी जाती है। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →