यूक्रेन-रूस युद्धविराम की उम्मीद: संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने बिना शर्त संघर्षविराम का किया आह्वान
यूक्रेन और रूस के बीच जारी संघर्ष को समाप्त करने के लिए हाल में हुई कूटनीतिक कोशिशों से एक नई उम्मीद जगी है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने…
यूक्रेन और रूस के बीच जारी संघर्ष को समाप्त करने के लिए हाल में हुई कूटनीतिक कोशिशों से एक नई उम्मीद जगी है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इन प्रयासों का स्वागत करते हुए दोनों देशों के बीच बातचीत फिर से शुरू होने की आशा व्यक्त की है।
महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने बताया कि अमेरिकी वरिष्ठ दूतों की हालिया मॉस्को और कीव यात्राओं से गुटेरेस उत्साहित हैं। उन्होंने कहा कि महासचिव को उम्मीद है कि ये पहलें तत्काल, पूर्ण और बिना शर्त युद्धविराम की दिशा में प्रगति का मार्ग प्रशस्त करेंगी।
शांति स्थापना और नागरिकों की सुरक्षा
प्रवक्ता के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र का लक्ष्य एक ऐसी शांति स्थापित करना है जो अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र चार्टर और संबंधित प्रस्तावों के अनुरूप हो। दुजारिक ने कहा, "इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए संयुक्त राष्ट्र हर सार्थक प्रयास में सहयोग देने के लिए तैयार है।"
इसके साथ ही, महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने यूक्रेन और रूस में आम नागरिकों और नागरिक ठिकानों पर लगातार हो रहे हमलों पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने इन हमलों को तुरंत रोकने का आह्वान करते हुए दोनों पक्षों से कूटनीतिक माहौल बनाने का अनुरोध किया है।
कूटनीतिक समाधान में यूरोप की भूमिका
इस बीच, स्लोवाकिया के विदेश और यूरोपीय मामलों के मंत्री जुराज ब्लानार ने कहा है कि यूरोपीय संघ (ईयू) के नेताओं को इस संघर्ष का कूटनीतिक समाधान खोजने में अधिक सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए थी। TARS टीवी को दिए एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि शांति प्रक्रिया में अब अमेरिका की भूमिका काफी बढ़ गई है, जबकि यूरोप ने यूक्रेन को बड़े पैमाने पर आर्थिक सहायता दी है।
उन्होंने कहा, "फिलहाल हमारी स्थिति ऐसी है कि हम बातचीत की मेज पर भी नहीं हैं। हम बस इससे जुड़े सभी खर्च उठा रहे हैं।" सिन्हुआ समाचार एजेंसी के हवाले से यूरोपियन एक्सटर्नल एक्शन सर्विस के आंकड़ों के अनुसार, युद्ध शुरू होने से अब तक यूरोपीय संघ और उसके सदस्य देश यूक्रेन को 226 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक की मदद दे चुके हैं।
ब्लानार ने यह भी बताया कि स्लोवाकिया, चेक गणराज्य और हंगरी यूक्रेन के लिए 90 अरब यूरो के कर्ज की गारंटी में हिस्सा नहीं लेंगे, जबकि पोलैंड इसमें शामिल होगा।
इनपुट: IANS



